नोटबंदी और जीएसटी को लेकर विपक्ष के हमले झेल रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि नोटबंदी से जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और छत्तीसगढ़ में नक्सली वारदात में काफी कमी आई है।
पिछले 8-10 महीनों से जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज नहीं दिख रहे हैं। नोटबंदी और जीएसटी का वही असर हुआ है जिसकी उम्मीद की गई थी। जेटली ने एक सवाल के जवाब में ये बातें कही। उनसे पूछा गया था कि स्वच्छ भारत, जीएसटी और नोटबंदी जैसे कदमों से जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आया है।
जेटली ने शनिवार को बर्कले-भारत सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंस से संबोधित करते हुए कहा, ‘टेरर फंडिंग पर लगाम लग गई है। कुछ आतंकी घटनाएं हो रही हैं। लेकिन आप पाएंगे कि जिन 5,000-10,000 पत्थरबाजों को आतंकवादी संगठनों द्वारा पैसा दिया जा रहा था, वे खामोश हैं।
ऐसा क्यों है कि पिछले 8-10 महीने से पत्थरबाजी पर लगाम लग गई है।’ जेटली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने अमेरिका जा रहे हैं। इस दौरान वह कारपोरेट जगत के दिग्गजों से भी मिलेंगे।
पिछले साल आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक 1000 और 500 के पुराने नोटों को बंद करने की घोषणा कर दी थी। सरकार ने उस समय कहा था कि इसका मकसद कालेधन, जाली नोट, आतंकवादी गतिविधियों और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।
सरकार ने जब नोट बंदी की वजह से डिजिटलीकरण होने की बात कही तो विपक्ष ने फेल होने पर लक्ष्य बदलने का आरोप लगाया है। जीडीपी में गिरावट के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसके लिए नोट बंदी को जिम्मेदार ठहराया था।