राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने तुतिकोरिन में वेदांता के स्टर्लाइट कॉपर संयंत्र को बंद करने को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका को आज एक पूर्व न्यायाधीश की अगुवाई वाली समिति को भेज दिया गया है। एनजीटी के अध्यक्ष ए के गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि समिति में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
अधिकरण ने समिति से दो सप्ताह के अंदर काम शुरू करने और उसके बाद छह सप्ताह के अंदर मामले में निर्णय लेने को कहा। एनजीटी ने कहा कि वह संभावित नामों पर सलाह-मशविरा करने के बाद समिति के प्रमुख का नाम तय करेगी।
अधिकरण ने वेदांता को तुतिकोरिन में अपने संयंत्र की प्रशासनिक इकाई तक आने जाने की अनुमति देने के अपने पिछले आदेश को भी दोहराया। यही नहीं एनजीटी ने समिति से संयंत्र के मरम्मत कार्य पर भी विचार करने को भी कहा है।