‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ दो साल के अंदर बनकर तैयार हो जाएगी। मशहूर मूर्तिकार एवं पद्मश्री राम वी सुतार ने यह बात कही। इससे पहले 91 वर्षीय सुतार मध्य प्रदेश के गांधी सागर बांध में 45 फुट ऊंची चंबल स्मारक बनाकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनको फ्रांस, इटली, इंग्लैंड और रूस समेत अन्य देशों की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है। 2014 में सरकार ने गुजरात में विशाल सरदार पटेल की मूर्ति यानी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने के लिए सुतार को चयनित किया था। माना जा रहा है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ती होगी।
देश के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 522 फुट ऊंची कांस्य की मूर्ति बनाने का विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। सुतार ने बताया, ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मेरे ड्रीम प्रोजेक्टों में से एक है। इसकी ऊंचाई 522 फुट और वजन करीब 1,600 टन होगा। इसके सिर का आकार ही 70 फुट होगा। यह स्टैच्यू विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला करने में एकता की प्रतीक स्वरूप है।
जब देश विभाजन के पथ पर था, तब सरदार ने ही भारत को एकजुट किया। यह दो साल के अंदर तैयार हो जाएगी।’ इस बीच उन्होंने इन रिपोर्टों का भी खंडन किया किया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के कुछ सामानों को चीन से लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें इस्तेमाल होने वाले प्रत्येक हिस्से ‘मेड इन इंडिया’ हैं।