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Cyber Crime: 'प्याज के छिलके' वाली तकनीक से लैस अपराधी, इनका वजूद मिटाने को मिला धन खर्च नहीं कर पा रहे राज्य

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 13 Feb 2023 06:00 PM IST

सार

Cyber Crime: मौजूदा समय में न केवल साइबर अपराधी, बल्कि आतंकी संगठन भी 'डार्क वेब' का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसे 'प्याज के छिलके' उतारने वाली तकनीक भी कहा जाता है। सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों के लिए अभी इस तकनीक का तोड़ निकालना, एक बड़ी चुनौती बना हुआ है...
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Cyber Crime - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

आवंटित राशि के खर्च को लेकर राज्यों की स्थिति

आंध्रप्रदेश को 2018-19 में 26.48 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन जब राशि जारी करने की बारी आई तो वह संख्या 50.81 करोड़ पर पहुंच गई। इसी तरह 2019-20 में भी 24.96 करोड़ रुपये के आवंटन की एवज में 75.36 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2020-21 में आवंटन राशि 24.46 करोड़ रुपये थी, जबकि जारी राशि 5.83 करोड़ रुपये थी। 2021-22 में आवंटन राशि 24.46 करोड़ रुपये और जारी राशि शून्य रही। अरुणाचल प्रदेश को 2018-19 में आवंटित 4.25 करोड़ रुपये के मुकाबले 10.34 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके बाद 2019-20 में आवंटन की राशि 3.92 करोड़ रुपये और जारी राशि शून्य रही। इसी तरह 2021-22 में भी 3.92 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन हुआ, लेकिन जारी राशि शून्य ही रही। बिहार भी उन राज्यों में शामिल रहा, जिन्होंने केंद्र से मिली राशि का पूरा इस्तेमाल नहीं किया। इस राज्य को 2018-19 में 29.9 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था। जारी राशि का ग्राफ 13.18 करोड़ रुपये था। 2019-20 में आवंटन की राशि 27.62 करोड़ रुपये और जारी राशि 9.42 करोड़ रुपये थी। अगले वित्तीय वर्ष में भी इतनी ही राशि का आवंटन हुआ। उसमें जारी राशि 19.12 करोड़ रुपये थी। 2021-22 में भी दोबारा से 27.62 करोड़ रुपये आवंटित हुए। इसमें जारी राशि शून्य रही।

ये है छत्तीसगढ़ और गुजरात की स्थिति

छत्तीसगढ़ को भले ही कई राज्यों के मुकाबले कम राशि आवंटित और जारी हुई, लेकिन वहां उस राशि का इस्तेमाल खूब हुआ है। इस राज्य को 2018-19 में 10.52 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। जारी राशि 8.56 करोड़ रुपये थी। 2019-20 में 9.72 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जबकि 8.35 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2020-21 में आवंटित राशि 9.72 करोड़ रुपये और जारी हुई राशि 7.16 करोड़ रुपये थी। 2021-22 में भी 9.72 करोड़ रुपयों के आवंटन के मुकाबले 5.44 करोड़ रुपये जारी किए गए। गुजरात को जितनी राशि आवंटित की गई थी, उससे जारी हुई राशि कहीं अधिक थी। इस राज्य को 2018-19 में 27.69 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जबकि 52.62 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2019-20 में आवंटित राशि 25.58 करोड़ रुपये और जारी हुई राशि 41.19 करोड़ रुपये थी। 2020-21 में 25.58 करोड़ रुपयों के आवंटन के मुकाबले जारी हुई राशि शून्य रही थी। अगले वर्ष भी 25.58 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ, मगर कोई राशि नहीं हो सकी।

महाराष्ट्र, यूपी और राजस्थान, कोई आगे तो कोई पीछे

महाराष्ट्र को 2018-19 में 51 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जबकि 9.58 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2019-20 में आवंटित राशि 47.11 करोड़ रुपये और जारी हुई राशि 65.98 करोड़ रुपये थी। 2020-21 में 47.11 करोड़ रुपयों के आवंटन के मुकाबले जारी हुई राशि शून्य रही थी। अगले वर्ष यानी 2021-22 में भी 47.11 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ, मगर कोई राशि नहीं हो सकी। राजस्थान को 2018-19 में 33.83 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जबकि 62.59 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2019-20 में आवंटित राशि 31.26 करोड़ रुपये और जारी हुई राशि 27.28 करोड़ रुपये थी। 2020-21 में 31.26 करोड़ रुपयों के आवंटन के मुकाबले जारी हुई राशि 13.53 करोड़ रुपये रही थी। अगले वर्ष भी 31.26 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ, जबकि जारी हुई राशि 13.53 करोड़ रुपये थी। उत्तर प्रदेश को 2018-19 में 68.39 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जबकि 118.67 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2019-20 में आवंटित राशि 63.19 करोड़ रुपये और जारी हुई राशि 64.81 करोड़ रुपये थी। 2020-21 में 63.19 करोड़ रुपयों के आवंटन के मुकाबले जारी हुई राशि 63.19 करोड़ रुपये रही थी। अगले वर्ष भी 63.19 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ, जबकि जारी हुई राशि 32.02 करोड़ रुपये थी।

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