वित्तमंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)
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भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को एक ब्लॉग लिखकर कहा कि हमारी विचारधारा से साम्यता न रखने वाला देशद्रोही नहीं कहा जा सकता। उनकी पार्टी का यह सिद्धांत नहीं रहा है। उनके इस बयान को 'अमित शाह और नरेंद्र मोदी की भाजपा' पर एक कठोर टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन आज अरुण जेटली ने इसे पार्टी के विचारों के अनुरूप बताया और कहा कि उनके ब्लॉग में कुछ भी असामान्य नहीं है।
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रुप से अनेक पार्टी अध्यक्षों के साथ काम किया है। पार्टी की नीतियों के साथ गहरे से जुड़े रहे हैं। भाजपा की विचारधारा कभी भी विपरीत विचारधारा को सम्मान न देने की नहीं रही है। इसलिए लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लॉग में जो भी लिखा है, वह पार्टी की सोच के अनुरूप ही है।
वहीं, पार्टी की एक अन्य दिग्गज नेता सुमित्रा महाजन के पत्र लिखकर चुनावी राजनीति से दूर रहने की बात को भी उन्होंने पार्टी की विचारधारा के अनुरूप बताया। जेटली ने कहा कि पचहत्तर साल से अधिक साल की उम्र के नेताओं को लोकसभा चुनाव न लड़ाने का फैसला पार्टी की नीतियों के अनुरूप है। यह पार्टी का फैसला है और इसमें कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है।