राजनीति में कुछ स्थिर रहा हो या न रहा हो, लेकिन भाई-भतीजावाद और परिवारवाद हमेशा से राजनीति का अंग रहा है। हालांकि अलग-अलग मौकों पर ऐसा करने वाली सरकारों की आलोचना भी खूब की जाती है। लेकिन जब आलोचना करने वाले खुद सत्ता में आते हैं को यहां भी वही रंग दिखने लगते हैं।
इसी को लेकर अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल में सवाल पूछा था कि आप राजनीति में भाई-भतीजावाद और परिवारवाद के पक्ष में हैं या विपक्ष में? इसके जवाब में कुल 4587 वोट पड़े। इनमें से 20.01 फीसद लोगों ने कहा कि वह राजनीति में भाई-भतीजावाद और परिवारवाद के पक्ष में हैं। वहीं, 79.99 फीसद लोगों ने कहा कि राजनीति में परिवारवाद और भाई-भतीजावाद होना उचित नहीं है और वह इसके खिलाफ हैं।