मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सांसद थमिझाची थंगापांडियन का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो थंगापांडियन के एक साक्षात्कार का है। 12 सेकंड की उस क्लिप में थंगापांडियन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) प्रमुख वी प्रभाकरन की प्रशंसा कर रही हैं।
तमिलनाडु में एलटीटीई प्रमुख वी प्रभाकरन फिलहाल सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य कांग्रेस ने डीएमके सांसद द्वारा प्रभाकरन की प्रशंसा करने पर अस्वीकृति व्यक्त की है। बता दें, तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के पीछे एलटीटीई का ही हाथ माना जाता है।
विज्ञापन
पहले पूरा विवाद जानिए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सांसद थमिझाची थंगापांडियन का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो थंगापांडियन के एक साक्षात्कार का है। 12 सेकंड की उस क्लिप में थंगापांडियन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) प्रमुख वी प्रभाकरन की प्रशंसा कर रही हैं। वायरल वीडियो में उनसे पूछा गया कि वे किस ऐतिहासिक शख्सियत के साथ भोजन करना चाहती हैं, तो थंगापांडियन ने कहा कि वह मेथागु थेसिया थलाइवर प्रभाकरन के साथ भोजन करना चाहती हैं। वायरल वीडियो में उन्होंने आगे कहा कि वे मुल्लीवाइकल त्रासदी के लिए प्रभाकरन से माफी मांगेंगी और प्रभाकरन से माफ करने के लिए कहेंगी।
बता दें, 2009 में श्रीलंकाई सेना ने जब लिट्टे का सफाया कर दिया था तब श्रीलंका के उत्तरी प्रांत के एक गांव मुल्लीवाइकल में हजारों तमिल नागरिकों की हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
कांग्रेस ने थंगापांडियन के बयान पर जताई अहसमति
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट किया। एक्स पर उन्होंने कहा कि प्रभाकरन की प्रशंसा करना कांग्रेस में किसी को भी अच्छा नहीं लगता। 17 तमिलों के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की नृशंस हत्या पर पर्दा डालना अस्वीकार्य है। कार्ति के अलावा, तमिलनाडु कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष मोहन कुमारमंगलम ने मुल्लीवाइकल घटना पर संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि लिट्टे ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया है और वे नागरिकों के जीवन का बलिदान देने को तैयार हैं। रिपोर्ट साझा करने के अलावा उन्होंने पूछा कि क्या आप इसके लिए माफी मांगना चाहती हैं। भारत का एक सांसद ऐसा कह रहा है, यह सुनकर मैं सचमुच हैरान हूं।