नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। चूंकि ये दिन गुरु का है यानी गुरुवार है। इस दिन मोदी के सितारे बुलंदियों को छू रहे हैं। नक्षत्रों का जो योग बन रहा है, उसमें कहा गया है कि नरेंद्र मोदी दीवानगी और जुनून की हद से परे जाकर काम करेंगे। इसे यूं भी समझ सकते हैं कि यदि कोई व्यक्ति पहले एक दिन में 18-20 घंटे काम कर रहा है तो अब वह 22 घंटे तक काम करेगा। गुरुवार के दिन मोदी शपथ ले रहे हैं, इसका मतलब मोदी के सितारे बलवान हैं। गुरु का दूसरा गुण स्थायित्व है, इससे व्यक्ति के कामों में कोई बाधा नहीं आती है। नरेंद्र मोदी को इन दोनों का भरपूर फायदा मिल रहा है।
हस्तरेखा विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी का कहना है, 23 मई को जब लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे तो उस दिन भी गुरुवार था। नरेंद्र मोदी 30 मई को शपथ ले रहे हैं, वह दिन भी गुरु का है। उनके सितारे बताते हैं कि वे प्रशासन, प्रबंधन और आध्यात्मिक ज्ञान में निपुण हैं। चूंकि वे धार्मिक स्थलों पर जाते रहते हैं, इसलिए उनका भक्तिभाव या ईष्ट यानी आराधना, उन पर गुरु की कृपा बनाए रखते हैं। गुरु का दूसरा गुण स्थायित्व बताया गया है। इससे शासन, प्रशासन या प्रबंधन में स्थायित्व का भाव बना रहता है। मतलब कार्य में किसी तरह की बाधा नहीं आती। ऐसे व्यक्ति में सदैव कुछ कर गुजरने की क्षमता बनी रहती है।
लक्ष्मीकांत त्रिपाठी बताते हैं, मोदी के सितारे सरवार्थ सिद्धि योग से पूर्ण हैं। अर्थात वे जिस काम को भी करेंगे, वह बिना किसी बाधा के पूर्ण होगा। नरेंद्र मोदी का लग्न वृश्चिक है और स्वामी मंगल है। ऐसा व्यक्ति किसी भी काम को बहुत ही रचनात्मक तरीके, दीवानगी और जुनून की हद से करते हैं। शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार शाम को यानी गोधूली की वेला में संपन्न हुआ। इसका फायदा यह होता है कि अगर कहीं कोई छोटा-मोटा दोष आदि हो तो वह भी नष्ट हो जाता है। चंद्रमा रेवती नक्षत्र में है। इसका मतलब वह व्यक्ति कल्पना की शक्ति से भी परे जाकर सोचता है। उसके विचारों के प्रवाह की कोई सीमा नहीं होती।
नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में परिवहन और संचार की प्रगति पर विशेष ध्यान देंगे, ऐसा उनके गृह नक्षत्र बताते हैं। डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी के मुताबिक, नरेंद्र मोदी के लिए यह श्लोक फिट बैठता है।
‘श्रद्धावान लभते ज्ञानम’...भगवान श्रीकृष्ण की अर्जुन को दी गई शिक्षा का सजीव उदाहरण हैं नरेंद्र मोदी। वैदिक मूल्यों के प्रति उनकी आस्था और श्रद्धा ही उन्हें सिद्धि प्रदान कर रही है।
नरेंद्र मोदी रविवार को जन्मे थे और रविवार को ही गुजरात के सीएम बने थे।
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था। उस दिन रविवार था। इसके बाद 7 अक्तूबर 2001 में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उस दिन भी रविवार था। खास बात है कि 16 मई 2014 को जब मोदी ने दो लोकसभा क्षेत्रों से जीत हासिल की थी, तो उस दिन शुक्रवार था। 23 मई 2019 को लोकसभा चुनाव के नतीजे आए तो वह दिन गुरुवार का रहा है। इसके बाद 30 मई को जब नरेंद्र मोदी पीएम की शपथ ले रहे हैं तो भी गुरुवार का दिन है।