राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन को लेकर गतिरोध जारी है। सोमवार को भी कोई हल नहीं निकल सका। मामले में सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक का विपक्ष ने बहिष्कार किया। सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्ष को बांटने का प्रयास कर रही है, इसलिए सिर्फ पांच दलों द्वारा विरोध की घटिया बात कह रही है। उधर, संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि हम उन दलों से बात करना चाहते हैं, जिनके सांसद निलंबित किए गए हैं, लेकिन वे बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष को बांटने की कोशिश कर रही है। 15-16 दल मिलकर इस मुद्दे के खिलाफ लड़ रहे हैं, वे हमें बांटने के लिए केवल 5 दलों के सदस्यों को बैठक के लिए बुलाते हैं। यह फूट डालो और राज करो की नीति शायद उन्हें अंग्रेजों ने दी थी। उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे ऐसी बातें कहते रहेंगे। इस तरह के बयानों से कोई पार्टी कमजोर नहीं होती है। उन्हें पहले यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने गलती की है। क्या आपने उन्हें नियमानुसार सस्पेंड किया? आपने नियमों का उल्लंघन कर उन्हें सस्पेंड कर दिया। हम कह रहे हैं कि निलंबन रद्द किया जाए। इसमें गलत क्या है।
जनता कर रही विपक्ष का बहिष्कार : जोशी
उधर, संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि हम उन विपक्षी दलों से बात करना चाहते हैं, जिनके राज्यसभा सांसदों को निलंबित किया गया है। विपक्ष बैठक का बहिष्कार कर रहा है। उन्होंने संविधान दिवस के कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया। उन्हें समझना चाहिए कि जनता भी उनका बहिष्कार कर रही है।
सरकार समझ जाए, विपक्ष कमजोर नहीं : सुष्मिता देव
उधर, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि यदि विपक्ष अपने 12 सांसदों के निलंबन का विरोध नहीं करेगा तो भाजपा मान लेगी, इसी तरह से देश चलाया जा सकता है। उन्हें समझ लेना चाहिए कि विपक्ष कमजोर नहीं है और उन्हें यह महसूस कराने के लिए ही हम विरोध और बहिष्कार जारी रखेंगे।