100 करोड़ से ज्यादा के बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी पर टीएमसी ने एक्शन लिया है। इस मामले में हुई पार्टी की थू-थू के बाद तृणमूल कांग्रेस डैमेज कंट्रोल की तैयारी में जुट गई है। इसके क्रम में जल्द ही पार्टी में बड़े संगठनात्मक बदलाव और राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि संगठनात्मक और मंत्रिमंडल में फेरबदल का उद्देश्य पार्टी की छवि बदलना है।
मामले में पार्टी की थू-थू होने के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने संकेत दिया था कि जल्द ही कैबिनेट में फेरबदल होगा। बनर्जी ने कहा, "पार्थ दा को उनके मंत्री पद से मुक्त कर दिया गया है। फिलहाल, मैं उनके मंत्रालयों को तब तक अपने पास रखूंगी जब तक कि कैबिनेट में फेरबदल नहीं हो जाता।"
वहीं, दूसरी ओर टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि काफी समय से कैबिनेट में बदलाव की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन चटर्जी की गिरफ्तारी ने प्रक्रिया को तेज कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अब समय ही बताएगा कि थोक में फेरबदल होगा या कुछ प्रमुख मंत्रालयों में बदलाव किया जाएगा। टीएमसी नेता ने यह भी बताया कि पार्टी संगठन में भी बड़े बदलाव किए जाएंगे 'एक व्यक्ति, एक पद' की नीति का सख्ती से पालन किया जाएगा। महासचिव जैसे कुछ पद, जो पार्थ चटर्जी के पास थे, को समाप्त किया जा सकता है। इन परिवर्तनों को अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी को पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था। मामले में जांच के दौरान उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के कई फ्लैट्स से लगभग 50 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। जिसके बाद पार्टी के चटर्जी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सभी मंत्रिस्तरीय जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है, इतना ही नहीं उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि पार्थ चटर्जी उद्योग, वाणिज्य और उद्यमों और संसदीय मामलों सहित पांच प्रमुख मंत्रालयों के मंत्री थे। इसके साथ ही वह पार्टी संगठन में महासचिव भी थे। इसके अलावा, चटर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, टीएमसी की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य और इसकी अनुशासन समिति के अध्यक्ष, पार्टी के समाचार पत्र 'जागो बांग्ला' के संपादक का पद संभाला है। यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पिछले 12 साल के शासन में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इससे पहले, शारदा और नारद घोटालों में कथित संलिप्तता के लिए पार्टी के चार सांसदों और मंत्रियों को गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि, पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था।
बता दें, ईडी ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री व मौजूदा उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को इस घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है। उन्हें विशेष कोर्ट ने 3 अगस्त तक ईडी की हिरासत में सौंपा है। उनके अलावा टीएमसी विधायक माणिक भट्टाचार्य व चटर्जी के निजी सचिव सुकांत आचार्य भी घेरे में हैं।