पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में आरोपों का सामना कर रहे पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को सीबीआई की विशेष अदालत से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। अब विशेष सीबीआई अदालत ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) भर्ती घोटाले के सिलसिले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की न्यायिक हिरासत सात फरवरी तक बढ़ा दी है। इतना ही नहीं, उनकी बेहद करीबी अर्पिता मुखर्जी भी सात फरवरी तक न्यायित हिरासत में रहेंगी।
गौरतलब है कि मामले में आरोपों का सामना कर रहे पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को बिचार भवन में सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष वर्चुअली पेश किया गया। इस दौरान पार्थ चटर्जी और अर्पिता की शिकायत के बाद अदालत ने प्रेसीडेंसी सुधार गृह (अलीपुर जेल) के अधीक्षक को उन्हें पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। साथ ही सीबीआई की मांग को देखते हुए अदालत ने दोनों की न्यायिक हिरासत में समयावृद्धि कर दी।
सीबीआई के वकीलों ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए और उनकी न्यायिक रिमांड के विस्तार की मांग करते हुए दावा किया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और उन्हें इस समय जमानत पर रिहा करने से जांच प्रभावित हो सकती है।
ईडी ने पहली बार पार्थ को किया था गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 23 जुलाई, 2022 को पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने चटर्जी को पार्टी के महासचिव सहित सभी पदों से हटा दिया था। साथ ही सीएम ममता बनर्जी ने उन्हें मंत्री पद से हटा दिया था। पूर्व मंत्री पार्थ ने 2014 से 2021 तक शिक्षा विभाग संभाला, इस दौरान राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में घोटाला हुआ। सीबीआई भी मामले में भ्रष्टाचार की जांच कर रही है। जांच के सिलसिले में उनसे चटर्जी को भी गिरफ्तार किया था।
इससे पहले पार्थ चटर्जी ने दावा किया था कि ममता बनर्जी नीत पार्टी को कोई भी व्यक्ति किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा सकता। पार्थ की करीबी सहयोगी के आवास से नकदी, जेवर और संपत्ति दस्तावेज बरामद होने के बाद इस साल 23 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर भर्ती घोटाले की जांच कर रहा है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय मामले से जुड़े धन की हेराफेरी के पहलू की जांच कर रहा है।
दोनों पर हैं गंभीर आरोप
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग के लिए छह संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया था। पार्थ और अर्पिता ने मैसर्स एचाय एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, अनंत टेक्सफैब प्राइवेट लिमिटेड, सिम्बायोसिस मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सेंट्री इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, व्यूमोर हाईराइज प्राइवेट लिमिटेड और एपीए यूटिलिटी सर्विसेज का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया।
सीबीआई की चार्जशीट में इनके भी नाम
अक्टूबर 2022 में, सीबीआई ने WBSSC के माध्यम से सहायक शिक्षकों की कथित अवैध नियुक्ति के संबंध में WBCSSC के पूर्व अध्यक्ष सुबीरेश भट्टाचार्य सहित 12 व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। सीबीआई ने अलीपुर के विशेष न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत चार्जशीट में डब्ल्यूबीसीएसएससी के एक पूर्व सहायक सचिव, एक पूर्व सलाहकार, आयोग के दो पूर्व कार्यक्रम अधिकारियों और छह अन्य को भी नामजद किया है। चार्जशीट में आरोपियों की पहचान शांति प्रसाद सिन्हा, अशोक कुमार साहा, कल्याणमय गांगुली, परना बोस, समरजीत आचार्य, प्रसन्ना कुमार रॉय, प्रदीप सिंह, जनुई दास, मोहम्मद आजाद अली मिर्जा, इमाम मोमिन और रोहित कुमार झा के रूप में हुई है।