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स्पुतनिक वी वैक्सीन: भारत में हर साल तैयार होंगी टीके की 85 करोड़ खुराकें

Tue, 13 Apr 2021 06:42 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आरडीआईएफ के सीईओ किरिल दिमित्रिव का कहना है कि रूसी वैक्सीन स्पुतनिर वी का असर 91.6 फीसदी तक है और ये कोविड-19 के गंभीर मामलों के प्रति पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराती है, जैसा कि प्रमुख चिकित्सा पत्रिका द लैंसेट में प्रकाशित आंकड़ों से पता चलता है।
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Sputnik v - फोटो : social media
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विस्तार
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रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) ने मंगलवार को कहा कि भारत में हर साल स्पुतनिक वी वैक्सीन की 85 करोड़ से अधिक खुराकें तैयार होंगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए देश में स्पुतनिक वी वैक्सीन के सीमित आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दी है।

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भारतीय दवा महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने आपातकालीन उपयोग के लिए इस वैक्सीन को पंजीकृत किया है। यह वैक्सीन रूस में नैदानिक परीक्षणों को पूरा कर चुकी है, तथा भारत में तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षणों में इसके परिमाण सकारात्मक हैं। भारत में यह परीक्षण डॉ. रेड्डीज के साथ मिलकर किए गए।

आरडीआईएफ ने एक बयान में कहा कि करीब तीन आबादी वाले देशों में वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी है और भारत इस टीके को मंजूरी देने वाला 60वां देश है। बयान के अनुसार, आबादी के लिहाज से भारत इस टीके को अपनाने वाला सबसे बड़ा देश है और वह स्पुतनिक वी के उत्पादन में भी अग्रणी है।
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डीसीजीआई ने कुछ शर्तों के साथ स्पुतनिक वी के सीमित आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी है। इससे पहले डीसीजीआई ने जनवरी में पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन कोविशील्ड तथा भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी थी।

स्पुतनिक वी भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली तीसरी वैक्सीन है। आरडीआईएफ के सीईओ किरिल दिमित्रिव ने कहा कि यह एक बड़ा मील का पत्थर है, क्योंकि दोनों देशों के बीच स्पुतनिक वी के नैदानिक परीक्षणों और इसके स्थानीय उत्पादन को लेकर व्यापक सहयोग विकसित हो रहा है।

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