निजी क्षेत्र की एयरलाइंस स्पाइसजेट ने अपने 60 कर्मचारियों की सेवाएं बहाल करने का फैसला किया है। कंपनी के 463 कर्मचारियों की 31 दिसंबर 2021 को अनुबंध समाप्त होने के बाद सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। हाईकोर्ट के निर्देश पर सेवाएं बहाल की गई है।
दरअसल स्पाइसजेट ने औद्योगिक कोर्ट के आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। औद्योगिक न्यायालय ने कंपनी को सभी कर्मचारियों की सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया था, क्योंकि उनके अनुबंध कायम थे। अनुबंध में कोई समय सीमा नहीं थी। इस आदेश के खिलाफ कंपनी हाईकोर्ट पहुंची थी। हाईकोर्ट ने भी औद्योगिक कोर्ट का आदेश कायम रखा है। हाईकोर्ट ने भी कर्मचारियों की सेवाएं बहाल करने को कहा है।
23 मार्च को हाईकोर्ट की जस्टिस एएस गडकरी की एकल पीठ ने स्पाइस जेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की थी। इस दौरान कंपनी के वकील किरण बापट और नीरज प्रजापति ने हाईकोट के 19 जनवरी के निर्देशों के अनुसार एक हलफनामा दायर किया। इसमें उन 60 कर्मचारियों के नाम हैं, जिन्हें कंपनी 1 अप्रैल से सेवा में रखना चाहती है।
हाईकोर्ट ने 19 जनवरी को कहा था कि कंपनी अपने उन कर्मचारियों की सूची पेश करे, जिन्हें निश्चित अवधि के संविदा कर्मचारी करार दिया गया है और जिन्हें नौकरी की पेशकश की जा सकती है। हलफनामे में कहा गया है कि एयरलाइन कर्मचारियों की सूची में उल्लिखित 60 को रोजगार देने को तैयार है और वे 1 अप्रैल, 2022 से सेवाओं में शामिल हो सकते हैं। शेष 403 कर्मचारियों की तकदीर को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है।