एसपीजी संशोधन बिल को कानून का दर्जा मिलने के बाद एसपीजी सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री और आधिकारिक आवास पर उनके साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों को मिलेगी। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों को केवल पांच साल तक ही यह सुरक्षा मिलेगी।
कानून में पहले चारों बदलाव एक परिवार के लिए हुए
गृहमंत्री ने गांधी परिवार पर स्टेट्स सिंबल के लिए एसपीजी सुरक्षा रखने का आरोप लगाते हुए कहा, इस कानून में पहले भी चार बार बदलाव किए गए, जो हर बार एक ही परिवार को ध्यान में रखकर हुए थे। यह पांचवां परिवर्तन किसी एक परिवार को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है। गांधी परिवार को उच्च श्रेणी की जेड प्लस सुरक्षा दी गई है, जिसमें एंबुलेंस भी शामिल है। इस सुरक्षा में वही जवान तैनात हैं, जो पहले एसपीजी में रह चुके हैं।
कांग्रेस ने एसपीजी कानून में बदलाव का विरोध करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और राष्ट्रहित के खिलाफ है। राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा, हर कोई चाहता है कि गांधी परिवार सुरक्षित रहे और इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या की भी याद दिलाई। साथ ही गुहार लगाई कि कृपया इस परिवार को बचाइए।
शाह ने अपने ही सांसद की टिप्पणी हटवाई
चर्चा के दौरान भाजपा सांसद जीएवल नरसिम्हा राव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के पीछे खास कारण था। इस पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई। इस पर गुलाम नबी आजाद ने पूछा कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे क्या कारण था? तब अमित शाह ने उपसभापति से राव की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने का आग्रह किया।