रेलवे की नई समय-सारणी में कई तरह के बदलाव इस बार देखने को मिलेगा। नियमित ट्रेनें चलने के साथ ही साढ़े तीन सौ से अधिक पैंसेंजर ट्रेन एक्सप्रेस ट्रेन में परिवर्तित हो जाएंगी। मिशन रफ्तार के तहत रेलवे इस तरह के कदम उठाने जा रहा है। हालांकि इस परिवर्तन से यात्रियों की जेब ढीली होगी और कई हॉल्ट स्टेशन ट्रेनों का ठहराव भी कम कर दिया जाएगा।
हर साल की तरह इस साल भी नई समय-सारणी तैयार की जा रही है। इस बार की समय सारणी इसलिए भी खास होगी क्योंकि कई ट्रेनों की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रतिघंटे वाली होंगी, साथ ही निजी ट्रेन के लिए जो रूट निर्धारित की गई है उसमे भी बदलाव दिखेगा। इस सारणी को कुछ इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि पैसेंजर ट्रेन के साथ मालगाड़ियों की भी गति तेज की जाए।
रेलवे के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार नई समय-सारणी में 355 ट्रेनों को एक्सप्रेस ट्रेन में तब्दील करने की योजना है। इसकी औसत गति 25-30 किलोमीटर प्रतिघंटी की तरह 50-55 किलोमीटर प्रति घंटे की जाएगी। इसके साथ ही कुछ हॉल्ट स्टेशन या छोटे स्टेशन पर इसका स्टॉपेज खत्म कर दिया जाएगा। हालांकि इन छोटे स्टेशनों को मेल व लिंक ट्रेनों से जोड़ा जाएगा ताकि यात्री अपने गंतव्य स्थान से जंक्शन स्टेशन तक पहुंच सके।
पैसेंजर ट्रेन को एक्सप्रेस में बदलने से रेलवे की कमाई भी बढ़ेगी, क्योंकि यात्री किराया भी एक्सप्रेस ट्रेन वाली ही होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जैसे ही नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू होगा, नई समय-सारणी लागू कर दी जाएगी।