जम्मू-कश्मीर की धारा 370 पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद अब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे का इस्तेमाल अपनी सहूलियत के हिसाब से करती हैं। ये विशेष दर्जा इन दोनों की ही देन है। इन दोनों पार्टियों को जब ठीक लगता है तब इस्तेमाल करती हैं और जब ठीक नहीं लगता है तब नहीं करती हैं।
जितेंद्र सिंह ने कहा, "पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कैबिनेट में सरदार वल्लभभाई पटेल को दो नंबर की जगह दी थी। वो गृह मंत्री थे। तो जम्मू-कश्मीर का मामला भी उन्हें ही देखने देना था। ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने हैदराबाद सहित अन्य प्रदेशों को संभाला।
सिंह का बयान एक ऐसे समय में आया है, जब लोकसभा में जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी ये स्पष्ट कर दिया है कि सरकार राज्य में साल के अंत तक विधानसभा चुनाव करवाएगी।
शाह ने लोकसभा में जोर देकर कहा था कि संविधान में धारा 370 अस्थायी है और जम्मू-कश्मीर पर उनके एजेंडे में कोई बदलाव नहीं आया है। गृह मंत्री ने आक्रामक अंदाज बनाए हुए जम्मू-कश्मीर के संकट के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की भूल को जिम्मेदार ठहराया।
शाह ने संसद में अपने वक्तव्य में जम्मू-कश्मीर को लेकर स्पष्ट नजरिया सामने रखा। उन्होंने कहा कि अभी तक जम्मू-कश्मीर में तीन परिवारों ने शासन किया, लेकिन अब वहां इंसानियत, जम्हूरियत, कश्मीरियत के साथ लोकतंत्र जिंदा हो रहा है। 40 हजार पंचायतों को अधिकार मिला और निकाय, पंच अपना काम कर रहे हैं।
शाह ने साफ कहा कि विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं कि जम्मू-कश्मीर नियंत्रण के बाहर है। उन्होंने कहा कि राज्य के हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। इसके लिए स्थानीय निकाय, पंचायत और लोकसभा चुनाव का उदाहरण दिया। शाह ने कहा कि दोनों चुनावों में ना तो हिंसा हुई और ना ही किसी के रक्त का एक कतरा बहा।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कश्मीर में आतंकवाद के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों ने कश्मीर में आतंकवाद का बीज बोया और उस हालात का पाकिस्तान ने फायदा उठाया।