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विजय माल्या आर्थिक भगोड़ा घोषित, सरकार जब्त कर सकेगी संपत्ति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Anupam Prasun Updated Sat, 05 Jan 2019 03:11 PM IST
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Vijay Mallya - फोटो : PTI

मुंबई की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या को शनिवार को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित किया। माल्या नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफईओ घोषित होने वाला पहला कारोबारी बन गया है। यह अधिनियम पिछले वर्ष अगस्त में प्रभावी हुआ था। 


 


 

प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) की अदालत से माल्या को भगोड़ा घोषित करने और उसकी संपत्तियों को जब्त करने और उन्हें केन्द्र सरकार के नियंत्रण में लाने का अनुरोध किया था। विशेष न्यायाधीश एम एस आजमी ने माल्या के वकील और ईडी के वकील की व्यापक दलील सुनने के बाद माल्या को कानून की धारा 12 के तहत एफईओ घोषित किया। अब  भारत में उसकी संपत्ति जब्त की जा सकेगी। 

 

माल्या की संपत्ति जब्त करने पर अदालत में सुनवाई 5 फरवरी को होगी। 

इससे पहले बीते साल 26 दिसंबर को कोर्ट ने फैसला 5 जनवरी तक के लिए सुरक्षित कर दिया था। वहीं माल्या ने अदालत को बताया था कि वह आर्थिक भगोड़ा नहीं है। साथ ही उसने कहा था कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में भी शामिल नहीं है।

विशेष अदालत में चला मामला

ईडी ने अदालत में दी याचिका में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 के तहत ‘भगोड़ा’ घोषित किए जाने का अनुरोध किया था। अर्जी मंजूर हो जाने पर एजेंसी को माल्या की संपत्तियां जब्त करने का अधिकार मिल गया है। वहीं माल्या की ओर से उसके वकील अमित देसाई ने याचिका खारिज करने की मांग की थी।


माल्या के वकील देसाई ने उस दावे का विरोध किया था, जिसमें माल्या को लेकर कहा गया है कि वह मार्च 2016 में एक सम्मेलन के बहाने सामान से भरे 300 बैग लेकर जेनेवा चला गया था। हकीकत में वह देश से भागा था। 

लंदन से मिल चुकी है प्रत्यर्पण की रजामंदी 

बता दें विजय माल्या इस वक्त लंदन में है और लंदन का कोर्ट भी उसके प्रत्यर्पण के लिए मंजूरी दे चुका है। हालांकि माल्या के पास इसके खिलाफ अपील करने के लिए जनवरी तक का वक्त है। 

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