राष्ट्रीय जांच एजेंसी (फाइल फोटो)
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एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टैन स्वामी ने प्रतिबंधित माओवादी संगठन के साथ मिलकर देश में अशांति पैदा करने और सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रची थी। विशेष एनआईए कोर्ट ने सोमवार को स्वामी की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।
एल्गार परिषद केस: विशेष कोर्ट ने जमानत याचिका रद्द करते हुए की टिप्पणी
विशेष जज डीई कोठालिकर ने अपने फैसले में कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर पता चलता है कि स्वामी प्रतिबंधित माओवादी संगठन के सदस्य हैं। स्वामी और सह आरोपियों के बीच करीब 140 ई-मेल में उन्हें कॉमरेड कहकर संबोधित किया गया है और संगठन के एक सदस्य मोहन से स्वामी को आठ लाख रुपये भी मिले। इन रुपयों का माओवादी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।
कोर्ट ने कहा, प्रथम दृष्टया यह साबित होता है कि याचिकाकर्ता और संगठन के अन्य सदस्यों ने राजनीतिक और ताकत के जरिये देश में अशांति पैदा करने और सरकार को गिराने के लिए गंभीर साजिश रची। रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से पता चलता है कि याचिकाकर्ता न सिर्फ प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के सदस्य हैं, बल्कि उसकी गतिविधियों में भी शामिल है। स्वामी को पिछले साल अक्तूबर में रांची से गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं।