सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल (रिटा.) राज्यवर्धन सिंह राठौर बड़ी बेबाकी से राय रखते हैं। निशानेबाजी में चैंपियन रहे राठौर सेना की पृष्ठभूमि से आते हैं। केन्द्र सरकार के कामकाज के तीन साल पूरे होने पर उन्होंने अमर उजाला के विशेष संवाददाता शशिधर पाठक और संजय मिश्र से विस्तार से चर्चा की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश...
केन्द्र सरकार ने कामकाज के तीन साल पूरे कर लिए। इसके लिए सादर बधाई। सरकार इसका जश्न मना रही है?
कर्नल (रिटा.) राज्यवर्धन सिंह राठौर: तीन साल का कार्यक्रम तो एक बहाना है। हम ऐसे अवसर ढूंढते रहते हैं। चाहे वह 15 अगस्त हो, गणतंत्र दिवस, संसद सत्र हो या बजट। हमारी कोशिश रहती है कि सरकार की योजना संवाद के जरिए जन-जन तक पहुंचे, ताकि देश का हर नागरिक इसका लाभ उठा सके। जन प्रतिनिधियों से देश की जनता का सीधा संवाद हो सके और सरकार को जनता की सीधी प्रतिक्रिया मिल सके। प्रधानमंत्री खुद मौजूदा सरकार को गरीबों की सरकार कहते हैं और सरकार खुद सीधे जनता के साथ संवाद कर रही है। इससे संवाद का क्रम नहीं टूटता।
यह तो ठीक है, लेकिन सरकार ने तीन सालों में जो काम किए हैं, उनमें तीन प्रमुख कौन से हैं। क्योंकि विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि सरकार केवल काम का ढिंढोरा पीट रही है। बेहतरी के नाम पर जमीन पर कहीं कुछ नहीं है?
कर्नल (रिटा.) राज्यवर्धन सिंह राठौर: कौन क्या कह रहा है, जनता समझती है। सरकार का इरादा नेक और जनता के प्रति जवाबदेह है। सत्ता में आने के बाद केन्द्र की मोदी सरकार ने भ्रष्ट्राचार पर नकेल कसी है। रुपये का विमुद्रीकरण, काले धन की जांच के लिए विशेषदल, करदाताओं का दायरा बढ़ाना, कालाधन बनने की रफ्तार धीमी करना सरकार का पहला मुख्य काम रहा है। सरकार का दूसरा लक्ष्य युवाओं को दिशा देना है। इस क्रम में शिक्षा, हुनर और अवसर सरकार का मोटो है। एम्स, आईआईएम जैसे नये संस्थान, युवाओं में हुनर के लिए सरकार के खर्च पर कौशल विकास और इसके लिए कौशल विकास मंत्रालय का गठन हुआ है। रहा सवाल अवसर का तो अब देश का गरीब रोजगार नहीं ढूंढ रहा है, बल्कि वह सरकार की मुद्रा योजना के तहत कम ब्याज का लोन लेकर लोगों को रोजगार दे रहा है। इसके अंतर्गत साढ़े तीन लाख करोड़ के ऋण बांटे जा चुके हैं।
सरकार का तीसरा मुख्य ध्यान गांव और गरीब पर है। गांव में साधन पहुंचाना, सिंचाई के लिए पानी, बिजली, यूरिया, मौसम से जुड़ी जानकारी, मंडी योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के तहत गांव को मुख्य सडक़ से जोडऩा, महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखकर पांच करोड़ मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन का वादा और अब तक दो करोड़ कनेक्शन का बांटा जाना हमारे के प्रमुख कायों में है।