ऑपरेशन सिंधु के तहत एक और विशेष विमान मंगलवार रात को 282 भारतीय नागरिकों को लेकर नई दिल्ली पहुंचा। अब तक संकटग्रस्त ईरान से 2858 लोगों की सकुशल भारत वापसी हो चुकी है। भारत लौटने पर लोगों ने भारतीय दूतावास और सरकार का आभार व्यक्त किया।
संकटग्रस्त ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंधु चलाया है। इस ऑपरेशन के तहत मंगलवार देर रात ईरान के मशहद से एक और विशेष उड़ान 282 भारतीय नागरिकों को लेकर नई दिल्ली पहुंची। सुरक्षित वतन वापसी पर संकटग्रस्त ईरान से निकलने वाले लोगों के चेहरे खिल उठे। किसी ने भगवान का शुक्रिया अदा किया तो किसी ने भारतीय दूतावास की जमकर सराहना की। ऑपरेशन सिंधू के तहत अब तक ईरान से 2858 भारतीय नागिरकों को निकाला जा चुका है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर एक और विशेष उड़ान नई दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 25 जून की रात 12 बजकर एक मिनट पर ईरान के मशहद से एक विशेष उड़ान नई दिल्ली पहुंची, जिसमें 282 भारतीय नागरिक सवार थे। उन्होंने बताया कि अब तक ईरान से 2858 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया जा चुका है।
मैं भारतीय दूतावास और सरकार का आभारी
ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से नई दिल्ली पहुंचे एक भारतीय नागरिक ने दूतावास और भारत सरकार का आभार जताया। उसने कहा कि मैं स्वदेश लौटकर अच्छा महसूस कर रहा हूं। उसने भगवान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मैं अब यहां हूं। उसने भारतीय दूतावास के अच्छे व्यवहार के लिए भी आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि मैं भारत सरकार का भी आभारी हूं, जिसके वजह से हम आज संकटग्रस्त ईरान से अपने देश लौटे हैं।
किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा: असीम
नई दिल्ली पहुंचे भारतीय नागरिक मोहम्मद असीम ने कहा कि मैं भी ईरान से आ रहा हूं। भारतीय दूतावास ने हमारे लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की थी। हमें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
भारतीय दूतावास ने दिया बहुत साथ
ईरान से नई दिल्ली पहुंचे सैयद आदिल मंसूर ने कहा कि मैं वतन वापसी पर अच्छा महसूस कर रहा हूं। ईरान में अब स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास ने हमारा बहुत साथ दिया है। ग्राउंड स्टाफ ने भी बहुत मेहनत की है। मैं उन सभी का शुक्रगुजार हूं।
2-4 दिन पहले ईरान में स्थिति बहुत खराब थी
ऑपरेशन सिंधु के तहत भारत लौटे एक और भारतीय नागरिक ने कहा कि अब ईरान में स्थिति बेहतर है, लेकिन 2-4 दिन पहले वहां के हालात बहुत खराब थे। उसने कहा कि भारतीय दूतावसा ने हमारे लिए उपयुक्त व्यवस्था की। हमें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।