जब गोगोई ने नामदेव की सीट पर जाकर उन्हें सवाल पूछने से रोका तब लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उपनेता प्रतिपक्ष, आपके दल के सदस्य प्रश्न पूछ रहे हैं, उन्हें (आप) बोलने नहीं दे रहे हैं। यह तरीका ठीक नहीं है।’’ बिरला ने कहा, ‘‘बोलने की आजादी सभी के पास है, आप उन्हें रोकने जा रहे हो। नहीं-नहीं...। ऐसा मत करिए। यह सदन है, सदन में किसी को (बोलने से) क्यों रोकते हैं? नहीं नहीं, ऐसा मत कीजिए।’’
उन्होंने आगे कहा कि कोई नया सदस्य चुनकर आया है और वह अपने क्षेत्र की बात पूछ रहा है तो आप उन्हें बोलने से रोक रहे हैं। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही के दौरान ही विपक्षी सांसद हाथों में पोस्टर लेकर वेल के करीब पहुंच गए। इस पर ओम बिरला ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, ‘‘हमने मना किया है कि पोस्टर लेकर न आएं। बीएसी (कार्य मंत्रणा समिति) में यह तय हुआ है कि कोई भी सदस्य तख्ती लेकर न आए। मैं आपसे (विपक्षी सदस्यों से) आग्रह करता हूं, यह गलत तरीका है। आप गलत परंपरा कायम कर रहे हैं, ऐसे सदन चलने वाला नहीं है।’’
रिजिजू ने की विपक्ष की आलोचना
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी सुबह, शाम और रात जाति-जाति करते रहते हैं और यहां (सदन में) जाति पूछने पर सवाल खड़ा करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को तोड़ने के लिए सेना के खिलाफ बयानबाजी की है और सेना का मनोबल कमजोर करने के लिए कदम उठाया है।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (देश के) लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए, लोकतंत्र को खत्म करने के लिए काम किया है। हिंसा भड़काने के लिए, देश में अराजकता भड़काने के लिए ये उकसाते हैं।’’ रिजिजू ने कहा ‘‘संसद को कांग्रेस पार्टी डिस्टर्ब करती है। यह (कांग्रेस) देश को कमजोर करने के लिए काम कर रही है। बीएसी में तय हुआ था कि हमलोग सदन को नियम से चलाएंगे, उसका भी कांग्रेस पार्टी उल्लंघन कर रही है ।’’