Astronomical Events: अक्तूबर में अंतरिक्ष में कई खगोलीय घटनाएं होने जा रही हैं, जो लोगों को चकित कर देंगी। इस दौरान आसमान में सुपरमून, उल्कापात और बुध-शुक्र का दुर्लभ मिलन जैसे कई अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे। ऐसा संयोग करीब 8 से 10 साल में एक बार होता है।
अक्तूबर का महीना रात के आसमान को अद्भुत खगोलीय घटनाओं से भर देगा। कभी चमकते उल्कापातों की वर्षा होगी, तो कभी धरती के सबसे करीब आता चंद्रमा अपनी पूरी आभा में दमकेगा। यही नहीं, दो विशाल आकाशगंगाएं खुली आंखों यानी दूरबीन या माइक्रोस्कोप जैसे किसी उपकरण की सहायता के देखी जा सकेंगी और बुध, शुक्र, शनि जैसे ग्रह अपनी विशेष गतियों में झिलमिलाते नजर आएंगे। यानी यह महीना शौकीन खगोलप्रेमियों के लिए आसमान के रंगों और रोशनी का एक जीवंत उत्सव है।
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) तथा इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन (आईएयू) के खगोलीय पूर्वानुमानों के मुताबिक अक्तूबर की रात लगभग पूर्ण चंद्रमा और शनि (सैटर्न)आकाश में एक-दूसरे के करीब होंगे और मात्र लगभग 3.3 डिग्री की दूरी पर। यह दुर्लभ संयोग आधी रात के आसपास अपने चरम पर होगा। इस दौरान शनि का रेट्रोग्रेड यानी उल्टा दिखने वाला गमन जारी रहेगा, जो पृथ्वी की कक्षा की गति के कारण होता है और यह चरण 27 नवंबर को समाप्त होगा। 6 अक्तूबर की रात आएगा अक्टूबर का सबसे बड़ा आकर्षण सुपरमून।
8 को ड्रेकोनिड उल्का वर्षा
6 से 10 अक्तूबर के बीच पृथ्वी धूमकेतु 21पी जियाकोबिनी-जिनर की धूल भरी लकीर से गुजरेगी, जिससे उत्पन्न होगी ड्रेकोनिड उल्का वर्षा (ड्रैकोनिड मीटर शावर)। इसका चरम 8 अक्टूबर की रात को होगा। हालांकि पूर्ण चंद्रमा की तेज रोशनी कई उल्काओं को ढक देगी, फिर भी कुछ चमकते तारे आसमान में अपनी लकीर खींचते दिख सकते हैं।
10 की रात चंद्रमा और प्लायडीज का आलिंगन
10 अक्तूबर की रात घटता हुआ गिबस चंद्रमा और प्लायडीज नामक तारक समूह एक-दूसरे के बेहद करीब आएंगे, मात्र एक डिग्री से भी कम की दूरी पर। सेवन सिस्टर्स के नाम से प्रसिद्ध यह समूह वास्तव में एक हजार से अधिक तारों से बना है। हालांकि चंद्रमा की तेज रोशनी मद्धम तारों को छिपा देगी, पर सबसे चमकीले सितारे फिर भी झिलमिलाते रहेंगे।
15 को त्रिकोणीय आकाशगंगा का उदय
आसमान में एक और चमत्कार होगा। त्रायांगुलम गैलेक्सी (ट्रायंगुलर गैलेक्सी) या मेसियर 33 (एम 33) अपने उच्चतम बिंदु पर पहुंचेगी। 19 को भोर में पूर्वी क्षितिज पर चंद्रमा और शुक्र (वीनस) एक साथ चमकेंगे, लगभग चार डिग्री की दूरी पर। शुक्र की अद्भुत चमक उसके घने बादलों के कारण है जो सूर्य के प्रकाश को अत्यंत प्रभावी ढंग से परावर्तित करते हैं। इस समय यह “मॉर्निंग स्टार” के रूप में उदय होगा और सूर्योदय से पहले तक आकाश में सबसे तेज चमकता रहेगा। 21 अक्तूबर की रात नया चांद होगा, जिससे आसमान अंधकारमय रहेगा और उल्काओं की चमक स्पष्ट दिखेगी। 29 महीने का समापन होगा सबसे तेज गति वाले ग्रह बुध (मर्क्युरी) के शानदार प्रदर्शन से।