समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय महासचिव बना दिया है। इस पर भाजपा और विहिप ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ऐसा कर समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका मूल चरित्र हिंदू विरोधी है। वह पार्टी में ऐसे लोगों का सम्मान करती है जो हिंदू समाज को तोड़ने वाला बयान देता है।
उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि रामचरितमानस का अपमान कर स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू समुदाय को अपमानित करने का काम किया था। उस समय सपा नेता अखिलेश यादव ने नाराजगी प्रकट की थी। लेकिन आज जिस तरह उन्हें सपा का महासचिव बनाया गया है, अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि समाजवादी पार्टी में उन्हीं लोगों का सम्मान किया जाएगा जो जहरीले बयान देंगे। राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में जातीय संघर्ष पैदा करना चाहती है, इस बात को ध्यान में रखकर पार्टी में ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाया जा रहा है जो आपत्तिजनक बयानबाजी कर रहे हैं।
सपा का हिंदू विरोधी चेहरा बेनकाब हुआ: विहिप
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता विनोद बंसल ने कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास हिंदू विरोधी रहा है। पहले मुलायम सिंह ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं थीं, और अब समाजवादी पार्टी में ऐसे लोगों को महिमामंडित किया जा रहा है जो हिंदू समाज, संतों और हिंदू धर्म ग्रंथों के विरोध में आपत्तिजनक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी आपत्तिजनक बयानबाजी करने वाले नेताओं कोआगे बढ़ाने से सपा का और अधिक राजनीतिक नुकसान होगा।
आजम का भी कद बढ़ा
समाजवादी पार्टी की नई लिस्ट में शिवपाल यादव को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। रामगोपाल यादव राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव बने रहेंगे। किरनमय नंदा को एकमात्र उपाध्यक्ष बनाया गया है तो अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन को पार्टी का सदस्य बनाया गया है। आजम खान को राष्ट्रीय महासचिव, कमाल अख्तर और अकिला मुर्तजा को राष्ट्रीय सचिव बनाकर मुसलमानों को साथ रखने की कोशिश की गई है। कुल 42 पदाधिकारियों की नई सूची में हर समुदाय को भागीदारी देने की कोशिश की गई है।