देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई में चल रही उठा-पटक थमने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में दिल्ली से ट्रांसफर किए गए सीबीआई एसपी टी. राजा बालाजी ने सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर पर पद के दुरुपयोग और द्वेष तथा पूर्वाग्रह से तबादला करने का आरोप लगाया है।
बालाजी का कहना है कि उनका तबादला इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने राव के खिलाफ मार्च, 2017 में तत्कालीन सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा से शिकायत की थी। बालाजी ने अंतरिम निदेशक होने के बावजूद बड़े पैमाने पर तबादले करने पर भी राव पर सवाल उठाया। 10 जनवरी को अंतरिम निदेशक बनने के बाद राव ने करीब तीन दर्जन अधिकारियों तबादले किए हैं।
21 जनवरी की रात एसपी बालाजी का तबादला भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से गाजियाबाद के सीबीआई अकादमी में कर दिया गया था। इसके अगले ही दिन राव को लिखे पत्र में बालाजी ने कहा, दिल्ली में उनकी तैनाती मानवीय आधार पर की गई थी। उनकी सास कैंसर से पीड़ित हैं और एम्स में इलाज चल रहा है।
इसी आधार पर सरकार ने उन्हें पूर्वी किदवई नगर में आवास दिया, जो एम्स से नजदीक है। दो साल में चौथी बार मेरा तबादला किया गया है। हालांकि सीबीआई प्रवक्ता नितिन वाकणकर ने कहा, अभी तक निदेशक कार्यालय को बालाजी के तबादले के खिलाफ कोई आवेदन नहीं मिला है। जब आवेदन मिलेगा तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। बालाजी ने तबादले पर रोक के लिए यह पत्र केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण को भी भेजा है।
मैं आपमें अच्छाई नहीं तलाश सकता
राव को लिखे पत्र में बालाजी ने शेक्सपीयर का उल्लेख करते हुए कहा, बुराई में भी कुछ अच्छाई होती है। मुझे यह मानने में बिल्कुल गुरेज नहीं कि मैं आपमें अच्छाई नहीं ढूंढ सकता। आपको अपने दिल में झांककर सोचना चाहिए कि आपकी दुश्मनी मुझसे है बीमार महिला से नहीं।
इसलिए मुझे लगता है कि आप मानवता दिखा सकते हैं। जीवन में फिर से अच्छा आदमी बनने में कभी देर नहीं होती। मैंने 11 मार्च, 2017 को तत्कालीन सीबीआई निदेशक को आपके कदाचार की शिकायत की थी। अब, आपने संस्थागत और सार्वजनिक हित की कीमत पर मेरे खिलाफ पक्षपात के कारण आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया है। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि सीबीआई निदेशक का पद सिर्फ संस्थागत और जनहित के लिए है।