श्रम मंत्रालय ने महिलाओं को कोयले की खदानों में काम करने की अनुमति देने के लिए नियमों में संशोधन करने का फैसला किया है। इसका मकसद लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और नई नौकरियों का सृजन करना है। मौजूदा नियमों के तहत महिलाओं को भूमिगत खदान में काम करने की अनुमति नहीं है। वहीं खुली खदानों में उन्हें दिन के समय निश्चित घंटे ही काम करने की अनुमति है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिलाओं को भूमिगत कोयला खदान में दिन के समय और खुली खदान में 24 घंटे काम करने का अनुमति देने का फैसला किया है। ऐसा करने का मकसद उनके लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर मुहैया कराना है।
शुरुआत में कोयला खदान में महिलाओं कर्मियों के समय बढ़ाने का फैसला किया है और बाद में अन्य खनन क्षेत्रों में भी इसे लागू किया जाएगा। इस संबंध में अधिसूचना प्रकाशित होने के लिए भेज दी गई है और जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में कोल इंडिया के 3 लाख कर्मचारी हैं, इनमें 15-20 फीसदी ही महिलाएं हैं।