मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को बड़ा एलान किया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून देशभर में छा गया है। वह उत्तरी अरब सागर के बचे हिस्से, गुजरात व राजस्थान के बाकी इलाकों में भी आज पहुंच गया। देशभर में मानसून पहुंचने की सामान्य तिथि 8 जुलाई है, लेकिन यह इस बार छह दिन पहले ही समूचे भारत का कवर कर चुका है।
मानसून के असर से देश के तमाम राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। बीते 24 घंटे की बात करें तो यूपी के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। वहीं, मप्र में राजधानी भोपाल समेत कुछ शहरों में तेज तो कुछ में हल्की वर्षा हुई। देशभर में मौसम बदल गया है। पारा नीचे आ गया है, बारिश के कारण उमस बढ़ने से चिपचिपाहट बढ़ गई है।
बीते 24 घंटे में यहां हुई वर्षा
- निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार बीते 24 घंटों में गुजरात, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई।
- हरियाणा, पंजाब के कुछ हिस्सों, हिमाचल प्रदेश और रायलसीमा के अलग-अलग हिस्सों, ओडिशा के उत्तरी तट, पश्चिम बंगाल, असम और अंडमान में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
- विदर्भ के कुछ हिस्सों, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप, सौराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, आंतरिक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
- कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र, कच्छ, पूर्वी राजस्थान के शेष हिस्सों, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और झारखंड में एक या स्थानों पर हल्की बारिश हुई।
यहां आज हो सकती है वर्षा
- राजस्थान, पूर्वी गुजरात, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश संभव।
- शेष पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप, दिल्ली के कुछ हिस्सों, हरियाणा और जम्मू कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- राजस्थान के शेष हिस्सों, सौराष्ट्र और कच्छ, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव।
जून में सामान्य से 8 फीसदी कम वर्षा
इस बीच, मौसम विभाग ने मानसून को लेकर चिंताजनक खबर भी दी है। विभाग की मानें तो मानसून का पहला महीना जून निकल चुका है और इस दौरान देश में सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश हुई है। विभाग के अनुसार 8 फीसदी की कमी बहुत ज्यादा नहीं है। इतनी कमी को सामान्य ही मानी जाता है। देश के चार मौसम अनुभागों यानी उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिण भारत और प्रायद्वीपीय भारत में जून में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। सिर्फ पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत में हुई भारी बारिश से औसत वर्षा का आंकड़ा थोड़ा संतुलित नजर आ रहा है। 10 फीसदी तक कम या ज्यादा वर्षा का मौसम विभाग सामान्य मानता है।
जून में कहां कितनी कमी
- मध्य भारत में सामान्य से 30 फीसदी कम
- दक्षिण और प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से 14 फीसदी कम
- उत्तर-पश्चिमी भारत में सामान्य से 12 फीसदी तक कम
- पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत में सामान्य से 22 फीसदी ज्यादा वर्षा
इस माह झमाझम की संभावना
जून माह में भले कम वर्षा हुई हो, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई में अच्छी बारिश हो सकती है। इसी माह देश के ज्यादातर राज्यों में खरीफ फसलों की बुआई भी होगी। जुलाई में सामान्य या उससे ज्यादा वर्षा की उम्मीद है। इस माह देश में 94 से लेकर 106 फीसदी तक औसत बारिश हो सकती है।