वैश्विक बाजार में भारतीय आम की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ऑस्ट्रेलिया से हरी झंडी मिलने के बाद अब भारत के आम दक्षिण कोरिया जाने की तैयारी में है। ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान व दक्षिण कोरिया जैसे देशों से ऑर्डर मिलना आसान नहीं होता है।
इन देशों से ऑर्डर आने से पहले वहां से फूड इंस्पेक्टर भारत में आकर उनके देश में जाने वाले आइटम से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच करते हैं। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) के मुताबिक, पिछले सप्ताह भारतीय आम दक्षिण कोरिया पहुंच गए। यह आम निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय आम को अपने देश में आने की इजाजत दी थी और 15 दिन पहले भारत के आम ऑस्ट्रेलिया भी पहुंच गए हैं।
एपिडा के मुताबिक, भारतीय आम निर्यातक ईरान में भी अगले साल आम का निर्यात शुरू कर सकते हैं। इस संबंध में ईरान से बातचीत जारी है। भारत के आम की वैश्विक मांग में बढ़ोतरी के लिए एपिडा की तरफ से विभिन्न देशों में कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। दक्षिण कोरिया के लोगों के बीच भारतीय आम को प्रचलित करने के लिए एपिडा की तरफ से इस माह के आखिर में कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है।
अभी भारतीय आम का निर्यात हवाई मार्ग से किया जाता है, जिससे इसकी लागत अधिक होती है लेकिन जल्द ही यह निर्यात समुद्री मार्ग से शुरू होने की संभावना है। तब आम निर्यात में और बढ़ोतरी हो सकती है।
एपिडा के मुताबिक, पिछले तीन सालों में भारतीय आम के निर्यात में 27 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2014-15 में 302 करोड़ रुपये का आम निर्यात किया गया था। वित्त वर्ष 2016-17 के अप्रैल-फरवरी में आम का निर्यात बढ़कर 384 करोड़ रुपये का हो गया।