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जल्द ही चलती ट्रेन में जीरो एफआईआर दर्ज करवा पाएंगे यात्री, मदद करेगा यह खास ऐप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 15 Oct 2018 02:21 PM IST
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जल्द ही ट्रेन में सवार यात्री मोबाइल ऐप की सहायता से शिकायत दर्ज करवा पाएंगे। शिकायत 'जीरो एफआईआर' के रूप में दर्ज होगी। साथ ही उसपर आरपीएफ तुरंत जांच करेगा। यह जानकारी आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने दी।



एक बड़ी योजना के तहत ये सेवा मिलेगी। इस मोबाइल ऐप से उत्पीड़न, चोरी और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की शिकायत की जा सकेगी। यह सेवा मध्यप्रदेश में पहले से ही मौजूद है। जो ज्लद ही पूरे भारत में भी मौजूद होगी।


आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार ने कहा कि यात्री को अब शिकायत दर्ज कराने के लिए अगले स्टेशन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह जल्द ही मोबाइल ऐप से शिकायत दर्ज करवा पाएंगे और उनकी मदद के लिए आरपीएफ की ओर से तुरंत सहायता पहुंचाई जाएगी। यह शिकायत जीरो एफआईआर के तौर पर देखी जाएगी और उसकी तुरंत जांच भी होगी।


क्या है जीरो एफआईआर?


जीरो एफआईआर का मतलब है किसी भी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है। साथ ही वह एफआईआर किसी भी उपयुक्त पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर भी की जा सकती है।


अभी अगर यात्री को किसी भी घटना की शिकायत दर्ज करवानी होती है तो उसे टिकट परीक्षक से शिकायत फॉर्म लेकर भरना होता है। जिसे आरपीएफ और जीआरपी को अगले स्टेशन पर सौंप दिया जाता है। यह फॉर्म बाद में स्वाचालित रूप से एफआईआर में बदल जाता है। इससे शिकायत की जांच में देरी भी होती है और यात्री को तुंरत मदद भी नहीं मिल पाती।


इस ऐप से न केवल आरपीएफ बल्कि सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी), टीटीई और ट्रेन के कंडक्टर से भी संपर्क किया जा सकेगा। ऐप में महिलाओं के लिए पैनिक बटन भी होगा। जिसका इस्तेमाल वह किसी भी तरह की परेशानी में कर पाएंगी।


दिसंबर 2014 में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रस्ताव दिया था कि रेलवे ट्रेन में सवार यात्रियों को संबोधित करने के लिए ऑनलाइन मकेनिजम विकसित करेगा। इस ऐप की सहायता से न केवल ऑनलाइन बल्कि ऑफलाइन शिकायत भी दर्ज करवाई जा सकेगी।

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