आने वाले वक्त में आपको एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान कंप्यूटर को अपनी दलीलों से संतुष्ट करना पड़ेगा कि आप झूठ नहीं बोल रहे हैं। एक नया लाई-डिटेक्टर कियोस्क यात्रियों के साथ होने वाले साक्षात्कार में आपके मनोविज्ञान और व्यवहार में आने वाले बदलाव को पकड़ सकता है।
ऑटोमेटेड वर्चुअल एजेंट फॉर ट्रूथ असेसमेंट इन रियल टाइम (AVATAR) को अभी टेस्ट किया जा रहा है, ताकि इस तकनीक की मदद से बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों की मदद की जा सके, जो कनाडा में दाखिल होने वाले यात्रियों के मंतव्य का सही-सही पता लगा सके।
अमेरिका के सैन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर आरोन एलकिंस ने बताया कि AVATAR एक कियोस्क की तरह है जैसे एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच होती है या ग्रॉसरी स्टोर पर सेल्फ चेकआउट सिस्टम होता है।
इस कियोस्क के स्क्रीन पर एक चेहरा उभरकर आता है, जो यात्रियों से सवाल पूछता है। यह यात्रियों के साक्षात्कार के दौरान मनोभाव और व्यवहार में आने वाले बदलाव को पकड़ता है।
एलकिंस ने कहा कि 'यह सिस्टम आंख, आवाज, हाव भाव और मुद्रा में आने वाले बदलाव को नोटिस करता है। इतना ही नहीं यह सिस्टम यह भी बता सकता है कि आपने कब अपनी टुड्डी सहलाई।'
सबसे पहले यात्रियों को इस कियोस्क के पास जाना होता है और यह उनसे कई सारे सवाल पूछता है। जैसे कि 'आपके बैग में फल या सब्जी तो नहीं है?' या 'क्या आप साथ में हथियार ले जा रहे हैं?' आंख पर निगाह रखने वाले सॉफ्टवेयर के साथ गति और दबाव वाले सेंसर आपके जवाबों की जांच करते हैं। ये सिस्टम आपके मनोविज्ञान को परखता है और जांचता है कि आप असहज तो नहीं है या झूठ तो नहीं बोल रहे।
एक बार कियोस्क की जांच में पास होने के बाद आपको आगे की जांच के लिए सुरक्षाकर्मियों के पास भेज दिया जाता है।