कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि इंदिरा गांधी न सिर्फ मेरी सास, बल्कि मां भी थीं। मैंने भारतीय रीति-रिवाज और संस्कृति के साथ राजनीति की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा भी उन्हीं से सीखी। तकरीबन सोलह बरस एक-दूसरे के सुखदुख साझा किए।
सोमवार को इंदिरा गांधी जन्मशती समारोह में राहुल और प्रियंका संग शामिल होने आईं सोनिया, इंदिरा गांधी को याद करते हुए बहुत भावुक हो उठीं। बोलीं, इलाहाबाद की धरती में इंदिरा जी का जन्म हुआ, यहीं बड़ी हुईं और यही उनका विवाह हुआ। यही वजह है कि आज पूरा गांधी परिवार यहां है और उनके जन्मशती समारोह की शुरुआत के लिए इलाहाबाद को चुना गया।
उनका व्यक्तित्व करिश्माई था। वह हर जाति, हर तबके और हर धर्म को साथ लेकर चलने वालीं थीं। प्रधानमंत्री बनने के बाद तक उनके सामने विपरीत परिस्थितियां बनी रहीं। उन्हें युद्ध और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से जूझना पड़ा लेकिन संघर्ष के दिनों में वह और भी मजबूत हुईं।
जन के प्रति हमेशा उनका समर्पण बना रहा। उनकी सबसे बड़ी चिंता देश को मजबूत और समतापरक बनाने की थी। शहादत से पहले उन्होंने कहा था, मेरे खून का एक-एक कतरा देश को जीवित रखेगा।’ उनका बलिदान हमेशा याद रहेगा।