कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए उस पर संसद के शीत सत्र को बेवजह नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने जीएसटी और नोटबंदी को भी निशाने पर लिया है। वे सोमवार को यहां कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रही थीं।
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उन्होंने कहा कि अहंकार से ग्रस्त मोदी सरकार ने बिना किसी ठोस कारण के संसद के शीत सत्र को नुकसान पहुंचा कर भारत के संसदीय लोकतंत्र पर गहरा आघात किया है। मालूम हो कि परंपरागत तौर पर संसद का शीत सत्र नवंबर के तीसरे हफ्ते में शुरू होता है और दिसंबर के तीसरे हफ्ते में खत्म होता है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मोदी सरकार इस सत्र को छोटा रखना चाहती है।
सरकार की योजना के अनुसार यह सत्र दिसंबर के दूसरे हफ्ते में शुरू होगा और 10 दिन तक चलेगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने जीएसटी के बहाने भी मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। जीएसटी को त्रुटिपूर्ण प्रणाली करार देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसे लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी।
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जीएसटी से पहले लागू की गई नोटबंदी के कारण लाखों लोगों को कष्ट झेलना पड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के योगदान को मिटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार बलपूर्वक इतिहास को बदलने की कोशिश कर रही है।