कांग्रेस पार्टी के भीतर जारी अंतर्कलह और चुनावों में मिल रही हार के बाद नेतृत्व पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। ऐसे में पार्टी आलाकमान से नाराज असंतुष्ट नेताओं को मनाने के लिए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज बैठक की, जो कि अब समाप्त हो गई है।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में सभी नेताओं ने राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेने को कहा, लेकिन इसपर राहुल ने कहा कि इसे पार्टी की चुनावी प्रक्रिया पर छोड़ दिया जाना चाहिए।
वहीं इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, बीएस हुड्डा, अंबिका सोनी, पी चिदंबरम और पृथ्वीराज चव्हाण 10 जनपथ पहुंचे। बैठक समाप्त होने के बाद पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि हमने पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चा की। यह एक रचनात्मक बैठक थी जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की वर्तमान स्थिति और इसे मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
गौरतलब है कि सोनिया अपनी अस्वस्थता के कारण पार्टी को ज्यादा वक्त नहीं दे पा रही हैं। माना जा रहा है बैठक में पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी राहुल गांधी को सौंपने के लिए इस दौरान वह नेताओं को मनाने का काम करेंगी। कोरोना महामारी और अस्वस्थ होने के कारण कांग्रेस अध्यक्ष करीब आठ महीने से नेताओं से नहीं मिल रही थीं।
पार्टी के विभिन्न राज्यों के नेता लगातार मिलने का समय मांग रहे थे। अगस्त में पत्र लिखकर नेतृत्व के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले नेता भी अपनी आपत्तियों और स्थायी अध्यक्ष की मांग को लेकर मिलने का समय मांग रहे थे।
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