कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज लोकसभा में मनरेगा योजना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए चार मांगे रखीं। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले कई लोगों ने महात्मा गांधी मनरेगा का मजाक उड़ाया था,उसी मनरेगा ने कोरोना और लॉकडाउन में करोड़ों प्रभावित गरीबों को ठीक समय पर मदद करते हुए सरकार की बचाव में सकारात्मक भूमिका निभाई। फिर भी मनरेगा के लिए आवंटित बजट में लगातार कटौती की जा रही है। कटौती के कारण मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सोनिया ने लोकसभा में रखी चार मांग
सोनिया ने कहा कि मैं केंद्र सरकार से आग्रह करती हूं कि मनरेगा के लिए उचित आवंटन किया जाए,काम के 15 दिनों के भीतर कामगारों को मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित हो, मजदूरी भुगतान में देरी की स्थिति में कानूनी तौर पर मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित हो। राज्यों की वार्षिक कार्य योजनाओं को बिना किसी देरी के निर्धारित किया जाए।
अनुराग ठाकुर ने किया पलटवार
अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि साल 2013-14 में यूपीए सरकार के दौरान आवंटित बजट भी उपयोग नहीं हो पाता था। इस दौरान 30 हजार करोड़ रुपये उपयोग नहीं किए गए जो कि जनता की भलाई के लिए थे। कांग्रेस के शासन काल में भ्रष्टाचार चरम पर था। ठाकुर ने आगे कहा कि पीएम मोदी द्वारा चलाई जा रही जन धन योजना की वजह से आज मजदूरों के खाता में पैसे सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने किया पलटवार
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस महंगाई के मुद्द पर क्या घेरेगी? UPA के कार्यकाल में महंगाई का सूचकांक कहां था? लोग देख रहे हैं कि विश्व युद्ध की तरह माहौल बना हुआ है। कांग्रेस पहले अपना चेहरा आईने में देखे उसके बाद दूसरों को आईना दिखाए।