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टीकाकरण: सोनिया गांधी ने कहा- कोरोना वैक्सीन के प्रति लोगों की हिचक दूर करने का काम करें कांग्रेस नेता 

Fri, 25 Jun 2021 04:26 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली

सार

  • कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने कहा, तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाने की आवश्यकता
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सोनिया-राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी को पूर्ण कोविड-19 टीकाकरण सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। साथ ही कार्यकर्ताओं को कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों की हिचक को दूर करने का काम करना चाहिए।

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पार्टी महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों के साथ ऑनलाइ बैठक में उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए तेजी से तैयारी करने और खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कोविड-19 रोधी टीकाकरण की गति को लेकर चिंता प्रकट की और कहा कि इस साल के आखिर तक सभी वयस्क नागरिकों को टीका लगाने के लिए जरूरी है कि टीकाकरण की दैनिक दर को तीन गुना किया जाए ताकि इस साल के आखिर तक हमारे देश की 75 फीसदी आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो सके।

उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह टीके की उचित आपूर्ति पर निर्भर करता है। इसके लिए हमें केंद्र सरकार पर दबाव बनाए रखना होगा। इसके साथ हमें यह भी देखना होगा कि टीकाकरण के लिए पंजीकरण हो, अगर कहीं टीके को लेकर लोगों में हिचक है तो वह दूर हो और टीकों की बर्बादी कम से कम हो। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ पहले ही तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। आने वाले महीनों में बच्चों के इस महामारी की चपेट में आने की आशंका बढ़ सकती है। इस पर तत्काल ध्यान देने और अति सक्रियता के साथ कदम उठाने की जरूरत है ताकि बच्चों को इस त्रासदी से सुरक्षित रखा जा सके।
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उन्होंने पार्टी महासचिवों और प्रभारियों का आह्वान किया कि सरकार के कोरोना से जुड़े ‘कुप्रबंधन’ पर कांग्रेस के ‘श्वेत पत्र’ का लोगों के बीच प्रचार किया जाए। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों को असहनीय बोझ का सामना करना पड़ रहा है।

यह रेखांकित करने के लिए आंदोलन किए गए हैं कि इस बढ़ोतरी का किसानों और करोड़ों आम परिवारों पर किस तरह असर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईंधन के साथ ही कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण लोगों को बड़ी परेशानी हो रही है। यह सब ऐसे समय पर हो रहा है जब अप्रत्याशित संख्या में रोजगार खत्म हो रहे हैं, जब बेरोजगारी बढ़ रही है और आर्थिक स्थिति का पटरी पर आना अभी वास्तविकता से दूर दिखाई देता है।

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