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 लद्दाख संघर्ष: भारत ने कहा- चीन के सैन्य जमावड़ा व यथास्थिति बदलने के प्रयास का नतीजा

Fri, 25 Jun 2021 04:01 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली

सार

  • भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारत-चीन के बीच लद्दाख संघर्ष को चीन के सैनिकों का जमावड़ा और एकतरफा यथास्थिति बदलने के प्रयास का नतीजा बताया
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भारत-चीन (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पिछले साल बड़े पैमाने पर चीन के सैनिकों का जमावड़ा और एकतरफा यथास्थिति बदलने के प्रयास का नतीजा था पूर्वी लद्दाख का संघर्ष। मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, चीन का यह प्रयास द्विपक्षीय करार का उल्लंघन था।

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भारत की यह प्रतिक्रिया चीन के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उसने कहा था कि उस क्षेत्र सैनिकों की तैनाती एक सामान्य सैन्य व्यवस्था है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, एलएसी पर अभी दोनों ओर के करीब पचास हजार से 60,000 सैनिक मौजूद हैं।

एलएसी पर सैन्य जमावड़े पर चीन का बेतुका बयान
बता दें कि भारत चीन के बीच नियंत्रण रेखा पर सैन्य जमावड़ा पर चीन ने बेतुका बयान दिया है। चीन ने कहा कि भारत के साथ सीमा मुद्दा शांतिपूर्ण बातचीत के जरिये सुलझाया जाना चाहिए और इसे द्विपक्षीय संबंधों से नहीं जोड़ना चाहिए।
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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कतर आर्थिक मंच से विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा दिए गए बयान 'चीन नियंत्रण रेखा पर सेना की तैनाती बढ़ा रहा है और बीजिंग अपने वादे पूरे करेगा या नहीं, इस पर संदेह है' पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'चीन-भारत सीमा से लगते पश्चिमी क्षेत्र पर सैनिकों की तैनाती सामान्य रक्षा व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य चीन के क्षेत्र पर अतिक्रमण और खतरों को रोकना और उसका जवाब देना है।'

पूर्वी लद्दाख में पिछले साल मई के महीने में हुई झड़प के बाद से ही दोनों देशों के जवान भारी संख्या में तैनात हैं. हालांकि, आपसी सहमति के आधार पर कुछ इलाकों से सैनिकों की वापसी हुई है, लेकिन कई अग्रिम ठिकानों पर दोनों देशों के जवान अभी भी तैनात हैं। इसको लेकर अब तक कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ता हो चुकी है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली है।

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