यूपी में कांग्रेस को मुकाबले में खड़ा करने की रणनीति के तहत मंगलवार को सोनिया गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी के गढ़ वाराणसी में जबरदस्त रोड शो किया। हालांकि, तबीयत खराब हो जाने की वजह से वह इसे पूरा नहीं कर सकीं।
बाबतपुर एयरपोर्ट पर उनका शुरुआती इलाज हुआ। इसके बाद देर रात करीब 11:30 बजे उन्हें चार्टर्ड विमान से दिल्ली लाया गया, जहां प्रियंका गांधी और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद पहले से मौजूद थे।
दिल्ली पहुंचते ही उनको पास के सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ले जाया गया। आजाद ने बताया कि उनकी तबीयत स्थिर है। वह डिहाइड्रेशन, उल्टी और बुखार से ग्रस्त थीं। वाराणसी में उनका इलाज करने वाले डॉक्टर भी विमान में उनके साथ थे।
एयरपोर्ट में मौजूद प्रियंका ने कहा कि सोनिया पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द करने से मना कर दिया था। वह वाराणसी जाने को लेकर उत्साहित थीं।
वाराणसी में सोनिया गांधी को आठ किलोमीटर के रोड शो में लोगों का भरपूर समर्थन मिला। अपने नए समीकरण के दौरान उन्होंने वाराणसी में दलित, मुस्लिम और अगड़ी जातियों वाले इलाकों को चुना।
सड़कों पर उमड़े हुजूम के बीच सोनिया का काफिला जिधर से गुजरा, उधर लोग पटरियों पर फूल-माला लेकर पलक-पांवड़े बिछाए मिले। मोदी वाराणसी से रिकार्ड वोट से जीतने में कामयाब रहे हैं। लेकिन कांग्रेस उन्हें वहीं घेरना चाहती है।
मंगलवार को सोनिया के रोड शो को मिले जनसमर्थन को देखते हुए यूपी चुनाव में नए रुझान देखने को मिल सकते हैं। छात्रों, युवाओं और महिलाओं ने उनका जबरदस्त स्वागत किया। खास कर मुस्लिम महिलाओं में उनका भारी क्रेज देखने को मिला। काजीसादुल्ला पुरा में तो हजारों की तादाद में मुस्लिम महिलाओं ने सोनिया का इस्तकबाल किया।
लंबे रोड शो के दौरान लहुराबीर में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा को कार में बैठे-बैठे नमन करने के बाद वह जैसे ही आगे बढ़ीं, थकान के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद पं. कमला पति त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और जनता को संबोधन किए बगैर उन्हें लौटना पड़ा।
सोनिया को वायरल बुखार था लेकिन उन्होंने रोड शो का कार्यक्रम नहीं रोका। आखिरी वक्त में वह इसमें बदलाव के खिलाफ थीं। दोपहर 1:30 बजे सर्किट हाउस से अंबेडकर की मूर्ति पर माला चढ़ाने के बाद सोनिया गांधी का काफिला आगे बढ़ा तो नदेसर पर बाजे-गाजे के साथ लोगों ने उन पर फूल बरसाए।
चौकाघाट में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों ने शंख और रुद्राक्ष की माला भेंट की तो मौनीबाबा रामलीला मैदान में हर वर्ग के लोगों ने सोनिया के आगे यूपी फतह के लिए संघर्ष की राह पर बढ़ने के नारे लगाए।
कई मिनी ट्रकों में उनके समर्थक सवार थे और तख्तियां लिए हुए थे। उनमें लिखा था - 27 साल, यूपी बेहाल। पहले सोनिया कार में चल रही थीं लेकिन इसके बाद वह खुली छत वाली गाड़ी में सवार हो गईं।
लोगों की भीड़ को देख कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। वहीं रोड शो में चले रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद, शीला दीक्षित, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, प्रमोद तिवारी, पीएल पुनिया के चेहरे पर संतोष दिखा। लोगों का कहना था कि काशी में सोनिया के इस शो से कांग्रेस में करेंट आ गया है। आगामी विधानसभा चुनाव में इसका खासा असर देखने को मिल सकता है।