यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की ओर से मंगलवार को दिए गए डिनर के बाद स्पष्ट होगा कि कौन राजनीतिक पार्टियां कांग्रेस की डियर और नियर हैं। कांग्रेस की डिनर डिप्लोमेसी ऐसी समय पर है जबकि भाजपा विरोधी कुछ राजनीतिक दल कांग्रेस से इतर तीसरे मोर्चे के गठन की भी सोच रहे हैं।
सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष रहते 17 विपक्षी पार्टियों को कुछ मौकों पर एकजुट करके दिखाया है। कांग्रेस की कोशिश बदले हालात में उन दलों को भी साथ करने की है जिन्हें भाजपा से परहेज है।
कांग्रेस की ओर से उन सभी 17 दलों के नेताओं को सोनिया गांधी ने स्वयं फोन करके न्यौता दिया है जो पिछले दो साल से एक मंच पर दिख रहे हैं। बताते हैं कि कुछ दलों को लेकर कांग्रेस को संशय बना हुआ है।