सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को जमकर फटकार लगाते हुए पूछा कि व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए कंवर्जन चार्ज 89 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर से 22 हजार रुपये कैसे पहुंचा। ऐसा कदम क्यों उठाया गया।
डिफेंस कालोनी मार्केट की सीलिंग संबंधी याचिका की सुनवाई के दौरान
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि डीडीए बेहद दबाव में है। अदालत ने डीडीए और दूसरी एजेंसियों से पूछा है कि क्या निर्माण की अनुमति पर्यावरण मानकों के अनुरूप थी? आग और दूसरे सुरक्षा मानक, पानी की स्थिति, बिजली, फुटपाथ और पार्किंग की व्यवस्था पर्याप्त थी?
जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने डीडीए से पूछा कि कैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई बाजारों में ऊपरी आवासीय तल को व्यवसायिक इस्तेमाल में बदलने का कंवर्जन चार्ज कैसे कम हो गए। अदालत ने पूछा, क्या आप वही करेंगे, जो आप करना चाहते हैं। कृपया दो हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल करें।
पिछले साल दिसंबर में डीडीए ने अधिसूचना जारी की थी कि व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए कंवर्जन शुल्क 89 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर से घटाकर 22274 रुपये कर दिया गया है। यह दर जून, 2018 तक प्रभावी है।