रविवार को सुबह कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से सरकार के निर्णय को लेकर काफी तीखे सवाल हुए, लेकिन वेणुगोपाल ने कहा कि यह समय सरकार की आलोचना का नहीं है। उन्होंने केवल इतना कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने इस प्रयास को कांग्रेस पार्टी के रचनात्मक, सकारात्मक सहयोग से जोडऩे की कोशिश की। मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने जरूर रेलवे द्वारा पीएम केयर फंड में रेलवे द्वारा दिए 151 करोड़ रुपये का तंज कसा, वेणुगोपाल ने भी इसकी याद दिलाई, लेकिन बहुत आलोचनात्मक नहीं हुए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश भर पढ़कर सुनाया। थोड़ी देर बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने वीडियो संदेश भी दे दिया।
सरकार के मंत्रियो ने अढ़ी खामोशी.....नहीं मिली राहुल को ट्यूशन पढऩे की सलाह
बड़े दिन बाद कांग्रेस पार्टी के पास इतना सुंदर दिन आया। गरीब, मजदूर का किराया भरने का निर्णय लेकर पार्टी ने सत्ता पक्ष का मुंह बंद करा दिया। राहुल गांधी के आक्रामक ट्वीट पर भी केन्द्र सरकार के मंत्री आज खामोश रहे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को कोई ट्यूशन पढऩे की सलाह नहीं दी। केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद भी अपने चित परिचित अंदाज में नहीं आए। भाजपा के नेताओं ने भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कोई बड़ा मोर्चा नहीं खोला। सोशल मीडिया पर भाजपा ब्रिगेड पूरी तरह से रक्षात्मक बनी रही। पहली बार सत्ता पक्ष की तरफ से बहुत रचनात्मक सुझाव आया। सत्ता पक्ष ने विपक्ष से अपील की कि वह अपनी राज्य सरकारों से किराए का 15 प्रतिशत हिस्सा देकर सहयोग देने को कहे।
जीएसटी का भुगतान मिला नहीं.....15 प्रतिशत का अर्थ क्या है?
कांग्रेस शासित राज्य के एक मुख्यमंत्री की सुन लीजिए। सूत्र का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने फैसला लिया है। पार्टी गरीब, मजदूरों के किराए का खर्च वहन करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी गरीब, मजदूरों के लिए हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन केन्द्र का किराए का 15 प्रतिशत हिस्सा मांगना अनुचित है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सभी राज्य तीन-चार बार प्रधानमंत्री जीएसटी का पिछला भुगतान मांग रहे हैं, राज्यों में कोई व्यवसायिक गतिविधियां चल नहीं रही हैं, सरकारी कर्मियों को तनख्वाह देने, कोविड-19 संक्रमण से निबटने का फंड नहीं है, ऊपर से केन्द्र सरकार नया बोझ डाल रही है?