सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सुब्रमण्यम स्वामी
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कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी पर नेशनल हेराल्ड केस की कार्यवाही में देरी करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने स्वामी द्वारा कोर्ट में दायर आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि यह उचित प्रावधानों के तहत दायर नहीं किया। यह पूरी तरह अस्पष्ट है। इसे जानबूझकर देरी करने के इरादे से दायर किया गया है।
लिहाजा इसे रद्द किया जाना चाहिए। स्वामी ने आवेदन दायर कर मामले में विभिन्न गवाहों को समन भेजने और दस्तावेजों को मंगाने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
अतिरिक्त चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सचिन गुप्ता के समक्ष सोनिया व राहुल के वकील ने कहा, मौजूदा अर्जी पूरी तरह से अस्पष्ट व केस में देरी करने वाली प्रकृति को होने के नाते खारिज की जानी चाहिए।
स्वामी की जिम्मेदारी है कि वह उपयुक्त प्रावधानों के तहत आवेदन दायर कर जिरह किए जाने वाले गवाहों की सूची के साथ अन्य ब्योरा उपलब्ध कराएं। दरअसल, स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल संजीव एस कलगांवकर, उप भूमि व विकास अधिकारी रजनीश कुमार झा, आयकर क्षेत्र 1 के उपायुक्त साकेत सिंह और कांग्रेस के पदाधिकारी को तलब करने का अनुरोध किया है।
स्वामी ने एक निजी आपराधिक शिकायत में सोनिया, राहुल व अन्य पर आरोप लगाया था कि उन्होंने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के जरिये सिर्फ 50 लाख रुपये का भुगतान कर कांग्रेस के स्वामित्व वाले नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड से 90.25 करोड़ रुपये लेने की साजिश रची थी।
मामले में सोनिया, राहुल, कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नांडिज सुमन दूबे, सैम पित्रोदा और मोतीलाल वोरा तथा यंग इंडिया को आरोपी बनाया गया है। वोरा का बीते दिनों निधन हो चुका है।