जसवंत जी शानदार सांसद, दक्ष राजनयिक, महान प्रशासक और इन सबसे ऊपर एक देशभक्त थे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रक्षा, वित्त और विदेश जैसे अहम मंत्रालय संभाले। 1998 से 2004 के दौरान उन छह सालो में मेरे, अटल जी और जसवंत जी के बीच एक विशेष रिश्ता कायम हुआ। उनका चला जाना मेरे लिए निजी क्षति है। मेरे पास शब्द नहीं है। - लालकृष्ण आडवाणी, वरिष्ठ भाजपा नेता
हमेशा देशसेवा की: नायडू
जसवंत सिंह जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। वह एक कुशल प्रशासक, उत्कृष्ट सांसद और ऐसे व्यक्ति थे, जिनमें कोई बुराई नहीं थी। वह महान नेता थे, जिन्होंने अपनी विभिन्न क्षमताओं से देश की सेवा की। - वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति
मंत्री के तौर पर छोड़ी अमिट छाप: नीतीश
जसवंत सिंह ने अटल सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में अमिट छाप छोड़ी। वित्त मंत्री के रूप में सिंह ने बाजार हितकारी सुधारों को बढ़ावा दिया। 2001 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का सम्मान भी मिला था। वह भारतीय राजनीति की महान विभूति थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है। - नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
पूर्व रक्षामंत्री व देश में सबसे लंबे समय तक संसद सदस्य रहे लोगों में से एक जसवंत सिंह जी के निधन से दुखी हूं। उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। - ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्मा को चरणों में स्थान दे: योगी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह जी के निधन का दुखद समाचार मिला। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और परिजनों को इस आघात को सहने की क्षमता प्रदान करे। ओम शांति। - योगी आदित्यनाथ, सीएम, उत्तर प्रदेश
संघ से नहीं आने के कारण नजरअंदाज किया गया: चिदंबरम
शालीन और सज्जन व्यक्ति जसवंत सिंह के निधन से दुखी हूं। हालांकि वह भाजपा सरकार में मंत्री थे, लेकिन आरएसएस की पृष्ठभूमि ने नहीं आने के कारण उन्हें नजरअंदाज किया गया। वह एक अर्थशास्त्री नहीं थे, लेकिन आर्थिक सलाह सुनने को तैयार रहते थे। मानवेंद्र सिंह व परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति मेरी संवेदनाएं। - पी. चिदंबरम, कांग्रेस नेता
‘परफेक्ट बॉस’ थे जसवंत सिंह: उमर
भाजपा के संस्थापक सदस्य जसवंत सिंह के निधन पर नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्लाह ने उन्हें अपना ‘परफेक्ट बॉस’ और उस्ताद बताया। उमर जुलाई 2001 से दिसंबर 2002 के बीच विदेश राज्यमंत्री थे। उन्होंने ट्विटर पर लिखा ‘जब मैं विदेश राज्यमंत्री था, जसवंत सिंह साहिब मेरे वरिष्ठ मंत्री थे। वे पूरा सहयोग करते, लेकिन दखलअंदाजी नहीं करते थे। हमेशा सलाह देने के लिए उपलब्ध रहते, कभी महसूस नहीं करवाया कि मेरा काम मायने नहीं रखता। वे परफेक्ट बॉस और उस्ताद थे।'