अहमदाबाद के पंचमहाल जिले के राजगढ़ गांव के रहने वाले गुलाब चौहान ने अपनी ही मां का पैर काट दिया। कारण था मां को गैंगरीन नामक बीमारी होना। यह बीमारी शरीर के किसी अंग में रक्त आपूर्ति बंद हो जाने के कारण होती है। इससे शरीर की कोशिकाएं मृत होने लगती हैं।
यह शरीर के अन्य हिस्सों में ना फैले इसके लिए मृत ऊतकों को निकालना आवश्यक होता है। जिसमें कई बार संक्रमण रोकने के लिए शरीर के उस अंग को काटना भी आवश्यक हो जाता है।
राज्य परिवहन निगम में ड्राइवर के पद पर काम करने वाले गुलाब की मां के पैर में गैंग्रीन था जिस कारण पैर काटना आवश्यक हो गया था। लेकिन उसके पास मां के इलाज और ऑपरेशन के लिए पैसे नहीं थे। जिसकी वजह से उसे मजबूरी में घर पर ही अपनी मां का पैर काटना पड़ा। उसकी मां की बीमारी के चलते
डॉक्टर ने पैर काटने की सलाह दी थी।
गुलाब ने मदद के लिए अपनी दो बहनों को भी बुला लिया था। इस काम के लिए उसने आवश्यक सामान भी मंगवा लिया था। जिसके बाद उसने घर पर ही अपनी वृद्ध मां को खाट पर बिठाया और अपनी बहनों की सहायता से उनका पैर काट दिया। इससे शरीर के अन्य अंगों में गैंग्रीन का संक्रमण नहीं फैलेगा।