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इधर मोदी ने बजाई GST की घंटी उधर विपक्ष में पड़ी दरार

Sat, 01 Jul 2017 05:06 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
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आधी रात को देश में जीएसटी की ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही विपक्ष की एकता भी दरक गई। जेडीयू, एनसीपी, बीजेडी, सपा और जेडीएस ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं कांग्रेस, टीएमसी, वामदल, बसपा, डीएमके और आरजेडी समेत अन्य पार्टियों ने ‘तमाशा’ बताते हुए इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। एक सप्ताह पहले ही राष्ट्रपति चुनाव के लिए मिलकर प्रत्याशी उतारने वाले 17 दलों में से कई जीएसटी लांच कार्यक्रम में पहुंचे।
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यूपीए का अहम हिस्सा रही एनसीपी से विपक्ष में ‘टूट’ की शुरुआत हुई। पार्टी चीफ शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल और तारिक अनवर ने संसद के केंद्रीय कक्ष में हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अनवर ने कहा था कि उनकी पार्टी जीएसटी लांच में शामिल होगी क्योंकि वह इसका समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम एक हद तक कांग्रेस से सहमत हैं। लेकिन जब इसे संसद और राज्य विधानसभाओं में पेश किया गया तो हमने इस बिल का समर्थन किया। इसलिए एनसीपी ने आधी रात को होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया।’
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पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एच डी देवेगौड़ा भी कार्यक्रम में शामिल हुए और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ मंच साझा किया।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रम में न जाने के लिए उनसे संपर्क साधा था लेकिन वह नहीं माने। गुरुवार को जेडीएस महासचिव दानिश अली ने कहा था कि देवेगौड़ा को पूर्व प्रधानमंत्री होने के नाते मंच साझा करने का न्यौता मिला है, इसलिए वह इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। जेडीएस ने कार्यक्रम का बहिष्कार करने से पहले उनसे चर्चा नहीं करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की थी।

शुरुआत में कार्यक्रम का बहिष्कार का एलान करने वाली सपा यू-टर्न लेते हुए कार्यक्रम में शामिल हुई। नरेश अग्रवाल के साथ पहुंचे राम गोपाल यादव ने कहा, ‘जब संसद में हमने इस बिल का समर्थन किया तो जीएसटी के लांच कार्यक्रम में शामिल क्यों नहीं होंगे।

भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इस बिल का समर्थन किया था।’ हालांकि कांग्रेस ने विपक्ष में किसी तरह की फूट से इनकार किया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह छोटा मामला है। 2019 के लोकसभा चुनाव तक विपक्ष की एकता बनी रहेगी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री उपस्थित थे। 
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