फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solar Pump: दिल्ली में 45 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि, सोलर पंप एक भी खेत में नहीं, जानें पड़ोसी राज्यों का हाल

Tue, 14 Nov 2023 06:45 AM IST
यशोधन शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

उत्तर पश्चिमी बाहरी दिल्ली में स्थित गांव जौन्ती के कुलदीप आर्य बताते हैं कि किसी किसान को ट्रैक्टर लेना होता है तो वह हरियाणा जाता है, क्योंकि यहां यह व्यावसायिक वाहन की श्रेणी में है। 
विज्ञापन
सोलर सिंचाई पंप (सांकेतिक चित्र)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में देश की राजधानी दिल्ली सीमावर्ती उत्तर प्रदेश और हरियाणा से बहुत पीछे है। दिल्ली में 45 हजार हेक्टेयर जमीन पर खेती हो रही है, लेकिन सोलर पंप कहीं भी नहीं है। इसके बारे में किसानों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकार हमें किसान नहीं मानती। दिल्ली सरकार जब हमें किसान के रूप में मान्यता ही नहीं देती तो अन्य राज्यों की तरह सौर सिंचाई की सब्सिडी भी नहीं मिल रही। यहां तक कि सौर ऊर्जा पर गांवों में चर्चा भी नहीं होती।

विज्ञापन


उत्तर पश्चिमी बाहरी दिल्ली में स्थित गांव जौन्ती के कुलदीप आर्य बताते हैं कि किसी किसान को ट्रैक्टर लेना होता है तो वह हरियाणा जाता है, क्योंकि यहां यह व्यावसायिक वाहन की श्रेणी में है। केंद्र की सम्मान निधि सभी को मिल रही है। पीएम कुसुम योजना हमारे यहां लागू नहीं है जिसके तहत सौर ऊर्जा को लेकर सब्सिडी दी जा रही है। हालांकि, छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार सब्सिडी दे रही है।

दिल्ली में छतों पर सोलर पैनल लगाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। एनर्जिफिक सोलर के निदेशक कार्तिक सचदेवा का कहना है कि दो से तीन साल में छतों पर सोलर पैनल की मांग बढ़ी है। रोज एक हजार से ज्यादा लोग पूछताछ के लिए संपर्क कर रहे हैं और तीन से चार नए ऑर्डर मिल रहे हैं। जौन्ती गांव में किसानों के घरों पर सोलर पैनल लगे हैं, लेकिन खेतों में सोलर पंप नहीं हैं।
विज्ञापन


ट्यूबवेल के फीडर का सौरीकरण कराना भी संभव नहीं है। अपने घर की छत पर आठ किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाने वाले कुलदीप आर्य बताते हैं कि दो साल पहले तक उन्हें भी इसके बारे में जानकारी नहीं थी। नजफगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें फायदे पता चले तो अपनी छत पर संयंत्र लगवाया।  फिलहाल इस गांव में 15 से अधिक घरों की छतों पर सोलर पैनल लगे हैं।

ग्रामीण ग्राहक समूह बनाने का मिला फायदा
टाटा पावर डीडीएल प्रमुख द्विजदास बसाक ने बताया कि दिल्ली के गांवों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2021 में उन्होंने ग्रामीण ग्राहक समूह बनाया। यह काफी सफल प्रयोग रहा। यह भी सोलर पैनल से जुड़ा है। करीब 50 गांवों में किसानों को सौर ऊर्जा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अब तक 100 किलोवॉट क्षमता तक के सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।

दिल्ली से ज्यादा असर पड़ोसी शहरों में मेरठ जिले के भावनपुर गांव के किसान काफी तेजी से सौर ऊर्जा अपना रहे हैं। 57 वर्षीय विनोद कुमार बताते हैं कि खेतों में सोलर पंप से लेकर छतों पर सोलर पैनल और घर के बाहर खंभे पर सोलर लाइट तक लगाई जा रही हैं। उन्होंने सरकार की सब्सिडी का जिक्र करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा का फायदा और इसे लगाने के वित्तीय सरल तरीके पता चलने के बाद ज्यादातर किसान सहमति जता रहे हैं। इसी तरह 15 सितंबर 2023 तक ग्रेटर नोएडा में एनपीसीएल के 329 उपभोक्ता घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित करा चुके हैं। इसकी कुल क्षमता 26.34 मेगावाट है।

वर्ष 2018 में शुरू किए गए थे प्रयास
दिल्ली के एकमात्र कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. पीके गुप्ता का कहना है कि दिल्ली में छतों पर सोलर पैनल के अलावा अन्य जगहों पर भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2018 में राज्य सरकार ने प्रयास शुरू किए थे। हालांकि कुछ साल तक बैठक, अधिकारियों के दौरों, किसानों से बातचीत के बाद चर्चा तक बंद हो गई। अभी कोई दूसरी योजना यहां नहीं है। फिलहाल, खेतों में सोलर पंप वगैरह को लेकर कोई सुविधा नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें