फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला पोल: सोशल मीडिया को घृणा फैलाने वाले हथियार के रूप में किया जा रहा है उपयोग

Sat, 03 Nov 2018 07:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
Amar ujala Poll
विज्ञापन
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने घृणा फैलाने और गलत सूचनाओं का प्रसारण करने के मामले में म्यांमार के सेना प्रमुख को प्रतिबंध लगा दिया है। फेसबुक ने अन्य 20 लोगों तथा संगठनों को भी प्रतिबंधित कर दिया है। 
विज्ञापन


बता दें कि म्यांमार में जातीय और धार्मिक संघर्ष को बढ़ावा देने, खास तौर से अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के प्रति घृणा को बढ़ावा देने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल किये जाने को लेकर सोशल साइट की कटु आलोचना हो रही है।

विभिन्न देशों में गलत सूचनाओं के ऑनलाइन प्रसारण और सूचनाओं के साथ छेड़छाड़ से फेसबुक को जोड़ा जा रहा है, लेकिन म्यांमार ऐसा देश है जहां सोशल साइट पर गलत सूचनाओं के प्रसारण के कारण हिंसा को बहुत बढ़ावा मिला है। म्यांमार में सेना के उग्रवाद विरोधी अभियान के कारण पिछले एक वर्ष में रखाइन प्रांत से करीब 7 लाख रोहिंग्या मुसलमान देश छोड़कर जाने को मजबूर हुए हैं।
विज्ञापन


इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सोशल मीडिया को घृणा फैलाने वाले हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है? '

पोल के जवाब में 87.82 फीसदी पाठकों ने माना कि सोशल मीडिया को घृणा फैलाने वाले हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जबकि 12.18 फीसदी पाठकों ने कहा कि सोशल मीडिया को घृणा फैलाने वाले हथियार के रूप में उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस पोल में कुल 2824 लोगों ने हिस्सा लिया।   
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें