प्रसिद्ध उद्योग पुरस्कार SABERA का एलान हो चुका है। SABERA सतत विकास पहलों के माध्यम से सामाजिक भलाई को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रभावशाली कार्यों को मान्यता देता है। SABERA के पांचवे संस्करण की थीम 'ईएसजी वॉक द टॉक' पर आधारित थी। सबेरा अवार्ड्स का एलान यूनेस्को भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। SABERA अवार्ड्स 2022 की घोषणा में भारत को गौरवान्वित करने वाली प्रभावी कहानियों पर फोकस किया गया है।
देश भर से 125 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं
सबेरा अवार्ड 2022 की एक संपूर्ण प्री-स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद अब विजेताओं को चुनने के लिए प्रविष्टियों की समीक्षा की गई है। तीन- से चार जूरी सदस्यों ने इसकी समीक्षा की है और नामों को शॉर्टलिस्ट किया है। देश भर से 125 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। कुछ प्रविष्टियां छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पुणे और उड़ीसा के दूरस्थ क्षेत्रों से भी प्राप्त हुई हैं।
इन लोगों को किया गया सम्मानित
सबेरा अवॉर्ड 2022 के तहत ग्रीन माइल परियोजना के लिए TIEEDI, सत्य भारती स्कूल के लिए भारती फाउंडेशन को समर्पण स्कूल और ट्यूशन सेंटर, शास्त्री पार्क के लिए समर्पण फाउंडेशन को, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पीडब्ल्यूडी के लिए एसबीआई फाउंडेशन को, डांस आउट ऑफ पॉवर्टी के लिए सिंहायना फाउंडेशन को, बाल्को की सामुदायिक स्वास्थ्य पहल के लिए भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड, इमरजेंसी मेंटल हेल्थ सपोर्ट के लिए साइरस और प्रिया वंद्रेवाला फाउंडेशन को, सस्टेनेबल इनक्लूसिव फार्मिंग के लिए पेप्सिको इंडिया को सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही सामाजिक क्षेत्र के लिए अन्य लोगों को भी सम्मानित किया गया।
सबेरा एक सामाजिक प्रभाव पुरस्कार
सबेरा अपनी तरह का एकमात्र वार्षिक सामाजिक प्रभाव पुरस्कार है। यह शिखर सम्मेलन पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) संबंधी सतत विकास पहल को उजागर करता है। इस कार्यक्रम की एंकरिंग दूरदराज और चुनौतीपूर्ण पृष्ठभूमि की युवा लड़कियां करती हैं जिन्होंने न केवल खुद को बल्कि अपने परिवार और समुदायों को शिक्षा के माध्यम से मजबूती प्रदान की है। उत्तराखंड में माली की बेटी से लेकर राजस्थान में कपड़े धोने वाले की बेटी से लेकर कामठीपुरा के सेक्स वर्कर की बेटी से लेकर नोएडा के कूड़ा बीनने वाले तक को मौका दिया गया है।