खड़गे ने सरकार पर आरोप मढ़ा कि राफेल सौदे मामले पर उसकी ओर से झूठ बोला गया है। इस मुद्दे पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठे तथ्य पेश किए हैं। इस पर पीएम को जवाब देना चाहिए। उन्होंने इस सौदे की जांच संयुक्त संसदीय समिति के जरिए कराने की बात कही। खड़गे ने यह साफ किया कि जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक वह इसके लिए लड़ते रहेंगे।
खड़गे ने कहा कि पहले आरबीआई गवर्नर गए और उसके बाद ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं का सियासी इस्तेमाल हो रहा है। नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि अमीरों पर इस फैसले की कोई मार नहीं पड़ी। इस फैसले से रोजगार खत्म हुए। छोटे कारोबार बंद हो गए। अर्थशास्त्रियों ने भी इस फैसले को गलत करार दिया। खड़गे ने यह भी आरोप मढ़ा कि जीएसटी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास दर अगर आठ प्रतिशत है तो रोजगार क्यों घट रहे हैं और निवेश क्यों नहीं आ रहा है? सवर्ण आरक्षण बिल पर खड़गे ने कहा कि इस बिल को पेश करने से पहले तक कुछ मंत्रियों और कैबिनेट को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अच्छी चीजों का समर्थन करती है, लेकिन सरकार इतनी हड़बड़ी में यह विधेयक क्यों लेकर आ रही है।