ओडिशा में पिछले तीन साल में सर्पदंश (सांप के काटने) से 1716 लोगों की मौत हुई है। इस दौरान राज्य में विभिन्न आपदाओं से मरने वालों की कुल संख्या 4689 है। ओडिशा के विशेष राहत उपायुक्त पीआर मल्होत्रा ने बताया कि सर्पदंश से मौत को राज्य की विशेष आपदा घोषित कर दिया गया है। लिहाजा, पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
सभी जिलों में हुई हैं सर्पदंश से मौतें
विशेष राहत आयुक्त बीपी सेठी ने बताया कि सांप के काटने से मरने वालों में ज्यादातर किसान, गरीब और
ग्रामीण महिलाएं हैं। राज्य के सभी 30 जिलों के 282
ब्लॉक में इस तरह से मौत के मामले सामने आए हैं। सेठी के मुताबिक तीन साल में मारे गए लोगों में 97 फीसदी मामले ग्रामीण इलाकों के हैं।
सबसे ज्यादा मौतें बालासोर जिले में
सबसे ज्यादा 164 मौतें बालासोर जिले में हुईं, जबकि गंजम जिले में 147 मामले दर्ज किए गए। विशेष राहत संगठन और ओडिशा आपदा प्रबंध प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक मयूरभंज और केयोंझर में 145-145 लोगों की मौत सांप के काटने से हुई। वहीं, भदरख जिले में 114 ऐसे मामले दर्ज किए गए।
मई-अक्टूबर में सबसे ज्यादा हादसे
तीन साल में सांप के काटने से मरे 1716 लोगों में 1464 की मौत मई से अक्टूबर के बीच हुई। इनमें सबसे ज्यादा 314 मौतें जुलाई में हुईं। इसके बाद अगस्त में 306, सितंबर में 253, मई में 156 और अक्टूबर में 154 लोगों की मौत सर्पदंश से हुई। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी-वेनम रखा गया है।