नरेंद्र मोदी सरकार की मवेशियों की तस्करी पर अंकुश लगाने की नीति का असर अब पड़ोसी बांग्लादेश के लोग महसूस करने लगे हैं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सख्ती के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी में भारी गिरावट आईऱ् है। इसका असर यह हुआ है कि बांग्लादेशी अब अपने मवेशियों को बाजार में सस्ते दामों पर बेच पा रहे हैं।
इसका पहला संकेत हाल में मनाई गई ईद के दौरान देखने को मिला। बांग्लादेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और बॉर्डर गॉर्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अतिरिक्त महानिदेशक खलीलुर्रहमान ने बताया कि गायों की तस्करी पिछले साल के मुकाबले एक फीसदी तक कम हो चुकी है।
खलीलुर्रहमान ने कहा कि गायों की तस्करी पर रोक लगाने की भारत की राष्ट्रीय नीति और बीएसएफ की सीमा पर सख्ती का असर बखूबी पड़ा है। पिछले साल ईद के महीने-दो महीने पहले रोजाना लगभग 11 हजार मवेशी पकड़े जाते थे। अब यह संख्या दो सौ के लगभग ठहर गई है। यह बड़ी उपलब्धि है। यह भारत के सहयोग से ही संभव हो सका है।