देश के मीडिया और फिल्म उद्योग के दिग्गज व्यवसायी सी. रामोजी राव को उनके कृतित्व के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। बहुमुखी प्रतिभा के धनी राव ने मीडिया-मनोरंजन उद्योग पर अमिट छाप छोड़ी। उनका कारोबार मीडिया, आतिथ्य, एनबीएफसी, खाद्य और खुदरा स्टोर शृंखला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में फैला है।
साधारण किसान परिवार में पैदा होकर देश के मीडिया और मनोरंजन उद्योग के सबसे बड़े उद्यमी बनने तक का उनका का सफर बेहद शानदार रहा है। शनिवार सुबह 4:50 बजे हैदराबाद के स्टार हॉस्पिटल में 87 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 5 जून से आईसीयू में भर्ती थे। रामोजी राव का पूरा नाम चेरुकुरी रामोजी राव था। उनका जन्म 16 नवंबर, 1936 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के पेडापरुपुडी गांव के एक किसान परिवार में हुआ। 1962 में उन्होंने मार्गदर्शी चिट फंड की शुरुआत की, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तथा अन्य राज्यों में ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है। 1969 में उन्होंने किसानों के लिए एक पत्रिका अन्नदाता के साथ मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। 1974 में विशाखापत्तनम से दैनिक समाचार पत्र ईनाडु की शुरुआत की और कुछ ही समय में यह सबसे अधिक प्रसारित होने वाला तेलुगु दैनिक बना हुआ है। रामोजी राव को पत्रकारिता, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए 2016 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। रामोजी राव एडिटर गिल्ड के अध्यक्ष भी रह चुके थे।
रामोजी राव ने प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ितों के लिए ईनाडू राहत कोष से एकत्रित धनराशि से कई राज्यों में घर और स्कूल बनवाए। 1995 में उन्होंने टीवी चैनल ईटीवी नेटवर्क की शुरुआत की, जो देश के शुरुआती सैटेलाइट न्यूज चैनलों में से एक है। कुछ ही समय में ईटीवी नेटवर्क का देशभर में विस्तार किया और विभिन्न भाषाओं में के न्यूज चैनल ईटीवी नेटवर्क के अधीन स्थापित किए गए। उनके कारोबारी साम्राज्य में फिल्म सिटी के अलावा उषा किरण मूवीज, मयूरी फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स, मार्गदर्शी चिट फंड, प्रिया फूड, और डॉल्फिन ग्रुप ऑफ होटल्स शामिल हैं।
एनटीआर को वापस दिलाई सत्ता
1984 में जब तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) के संस्थापक एनटी रामा राव को तख्तापलट के जरिये सत्ता से हटा दिया गया था, तो रामोजी राव ने ईनाडू के जरिये प्रदेश में लोकतंत्र की बहाली का अभियान चलाया, जिसकी वजह से आखिर में एनटीआर सत्ता में लौटे। यह अभियान रामोजी राव के जीवन में मील का पत्थर रहा।
देश ने बड़ी हस्ती को खो दिया : द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रामोजी राव के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, रामोजी राव के निधन से भारत ने मीडिया और मनोरंजन जगत के एक दिग्गज व्यक्ति को खो दिया।
भारतीय मीडिया में लाए क्रांतिकारी बदलाव : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, वे एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, जो भारतीय मीडिया में क्रांति लेकर आए। उनके समृद्ध योगदान ने पत्रकारिता और फिल्म जगत पर अमिट छाप छोड़ी है। अपने उल्लेखनीय प्रयासों के जरिये उन्होंने मीडिया और मनोरंजन जगत में नवाचार और उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित किए।
होसबाले बोले-पत्रकारिता व फिल्म क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शोक जताते हुए कहा, रामोजी का निधन विशेष रूप से पत्रकारिता व फिल्म क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है।